108 फीट ऊंची श्रीकृष्ण प्रतिमा बनेगी मुख्य आकर्षण
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण होगी भगवान श्रीकृष्ण की 108 फीट ऊंची प्रतिमा। इसे प्रदेश की सबसे ऊंची श्रीकृष्ण प्रतिमा बताया जा रहा है। इस प्रतिमा का डिजाइन तकनीकी परीक्षण और विंड टनल स्टडी के बाद तैयार किया जाएगा, ताकि इसकी संरचना पूरी तरह सुरक्षित और टिकाऊ हो।
महर्षि सांदीपनि और गुरुकुल परंपरा का भव्य प्रदर्शन
परियोजना के तहत आश्रम परिसर में महर्षि सांदीपनि की प्रतिमा, गुरुकुल परंपरा से जुड़े थीम आधारित क्षेत्र, मंदिर परिसर और जल फाउंटेन विकसित किए जाएंगे। यह वही ऐतिहासिक स्थान है, जहां मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने बलराम और सुदामा के साथ शिक्षा प्राप्त की थी।
डिजिटल अनुभव से जुड़ेगा इतिहास और आस्था
सांदीपनि लोक को आधुनिक तकनीक से भी जोड़ा जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए AR/VR आधारित अनुभव, डिजिटल प्रदर्शनी और मल्टी-लैंग्वेज ऑडियो-विजुअल सिस्टम उपलब्ध होगा। पर्यटक हेडफोन या VR डिवाइस के जरिए भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, 64 कलाओं और गुरुकुल परंपरा को इंटरैक्टिव तरीके से समझ सकेंगे।
लाइट एंड साउंड शो से जीवंत होगी श्रीकृष्ण कथा
परिसर में इमर्सिव लाइट एंड साउंड शो भी विकसित किया जाएगा, जिसमें श्रीकृष्ण की जीवनगाथा और उज्जैन से उनका ऐतिहासिक संबंध दर्शाया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखकर तैयारी
यह पूरी योजना आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है, जिससे Ujjain को एक वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। महाकाल लोक के बाद अब सांदीपनि लोक को भी उसी स्तर का बड़ा आध्यात्मिक और पर्यटन प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
महाकाल लोक के बाद बढ़ा धार्मिक पर्यटन
महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है। अब प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है।
सांदीपनि लोक परियोजना न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि यह उज्जैन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर एक वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।
