ग्लोबल संकेत तय करेंगे बाजार की दिशा
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हो रहे बदलाव भारतीय बाजार पर सीधा असर डाल सकते हैं। अमेरिकी और एशियाई बाजारों के रुख के आधार पर आज सेंसेक्स और निफ्टी की दिशा तय होगी। अगर वैश्विक बाजार सकारात्मक रहते हैं तो भारतीय बाजार को समर्थन मिल सकता है, वहीं कमजोरी की स्थिति में दबाव देखने को मिल सकता है। क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी या गिरावट भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर रहेगा। तेल महंगा होने पर महंगाई की आशंका बढ़ती है, जिसका असर ऑटो और पेंट जैसे सेक्टरों पर पड़ सकता है।
FII-DII की चाल से तय होगा मू
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीद-बिक्री भी आज के बाजार की दिशा को प्रभावित करेगी। हाल के दिनों में FII की गतिविधियां अस्थिर रही हैं, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अगर FII की ओर से खरीदारी बढ़ती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है, जबकि बिकवाली दबाव बना सकती है। DII की स्थिर खरीदारी बाजार को सपोर्ट देने का काम कर सकती है।
सेक्टोरल मूवमेंट में दिख सकती है तेजी और कमजोरी
आज के सत्र में सेक्टोरल मूवमेंट महत्वपूर्ण रहेगा। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में अलग-अलग रुझान देखने को मिल सकते हैं। बैंकिंग सेक्टर में हल्की मजबूती की उम्मीद है, जबकि आईटी सेक्टर ग्लोबल संकेतों पर अधिक निर्भर रहेगा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सावधानी के साथ ट्रेडिंग करने की सलाह दी जा रही है।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि आज का दिन शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचने और स्टॉप लॉस का उपयोग करने की सलाह दी गई है। लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह उतार-चढ़ाव अवसर भी प्रदान कर सकता है, लेकिन चयन सोच-समझकर करना जरूरी होगा।
कुल मिलाकर 5 जून को शेयर बाजार में मिश्रित रुझान और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ग्लोबल संकेतों और निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की पूरी दिशा निर्भर करेगी। सतर्क रणनीति ही आज के दिन सफलता की कुंजी होगी।
