नीलेश यादव जिला ब्यूरो
ज्ञान भारतम् ऐप पर करें पांडुलिपियों का पंजीयन एवं अपलोड
नर्मदापुरम/18,जून,2026/ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए भारतीय पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के डिजिटलीकरण का कार्य देशभर में तेजी से किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत 20 करोड़ से अधिक ऐतिहासिक दस्तावेजों तथा 7.5 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य भारत की अमूल्य ज्ञान-संपदा, प्राचीन साहित्य, दर्शन, विज्ञान, संस्कृति एवं इतिहास से संबंधित दुर्लभ सामग्री को सुरक्षित रखना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुलभ बनाना है। डिजिटलीकरण के माध्यम से सदियों पुरानी पांडुलिपियों को संरक्षित कर उनके क्षरण एवं नष्ट होने की संभावना को कम किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारत की पांडुलिपियां केवल साहित्यिक धरोहर ही नहीं हैं, बल्कि प्राचीन ज्ञान-विज्ञान, चिकित्सा, गणित, खगोल विज्ञान तथा सामाजिक इतिहास का महत्वपूर्ण स्रोत भी हैं। इन दस्तावेजों के डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को दुर्लभ और महत्वपूर्ण ज्ञान सामग्री तक सरलता से पहुंच प्राप्त हो सकेगी।
जिले के सभी नागरिकों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों, पुस्तकालय संचालकों, मंदिरों, आश्रमों तथा निजी संग्रहकर्ताओं से अपील की गई है कि उनके पास उपलब्ध अथवा उनकी जानकारी में मौजूद प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथ, ताड़पत्र, भोजपत्र एवं अन्य पांडुलिपियों का विवरण ज्ञान भारतम् ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।
अनेक महत्वपूर्ण पांडुलिपियां निजी संग्रहों में सुरक्षित होने के कारण राष्ट्रीय अभिलेखन एवं संरक्षण की प्रक्रिया से नहीं जुड़ पाती हैं। ऐसे में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से इन अमूल्य धरोहरों की पहचान, दस्तावेजीकरण एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है। जिलेवासियों से आग्रह किया गया है कि वे इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देते हुए अधिक से अधिक पांडुलिपियों का पंजीयन एवं अपलोड करें तथा अपने परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें। सभी नागरिक अपनी प्राचीन ज्ञान-संपदा को संरक्षित करने के इस राष्ट्रीय अभियान में सहभागी बनकर भारत की गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दें।
