नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, सुख, समृद्धि, संतान, शिक्षा और धन का कारक ग्रह माना जाता है। जब भी गुरु अपनी राशि बदलते हैं, तो ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ता है।
5 जून 2026 को गुरु का कर्क राशि में प्रवेश होने जा रहा है। कर्क राशि में गुरु को उच्च (Exalted) माना जाता है। इसलिए कई ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। हालांकि, किसी व्यक्ति के जीवन पर वास्तविक प्रभाव उसकी जन्म कुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है।
आर्थिक दृष्टि से क्यों खास माना जाता है यह गोचर?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरु के कर्क राशि में प्रवेश से—
आय के नए स्रोत बनने की संभावना बढ़ सकती है।
निवेश से जुड़े अच्छे अवसर मिल सकते हैं।
करियर में उन्नति के योग बन सकते हैं।
व्यापार में नई साझेदारियां लाभदायक साबित हो सकती हैं।
बचत और वित्तीय योजना मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।
इन 4 राशियों के लिए शुभ मानी जा रही है अवधि
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में प्रगति का संकेत दे सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने, पदोन्नति के अवसर बनने और वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलने की संभावना है। पारिवारिक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत माने जा रहे हैं। लंबे समय से रुके हुए धन की प्राप्ति या आय के नए स्रोत बनने की संभावना बन सकती है। परिवार में सुखद वातावरण रहने के योग भी बताए गए हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय निवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है और कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत बनने के संकेत हैं।
धनु राशि
धनु राशि वालों के अधूरे कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। पारिवारिक संबंध बेहतर होने और स्वास्थ्य में सुधार के भी योग बताए गए हैं।
गुरु के शुभ प्रभाव के लिए पारंपरिक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं—
प्रत्येक गुरुवार को भगवान विष्णु या देवगुरु बृहस्पति की पूजा करें।
“ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।
जरूरतमंद लोगों को पीले वस्त्र, चने की दाल, हल्दी या बेसन से बनी मिठाई का दान करें।
केले के वृक्ष या भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।
गुरुजनों और शिक्षकों का सम्मान करें।
ध्यान रखें
यह सभी फल वैदिक ज्योतिष की पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक, निवेश या करियर संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।