नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ हाल के मतभेदों को स्वीकार करते हुए उनके प्रति सकारात्मक रुख भी जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े मुद्दे पर दोनों देशों के बीच असहमति जरूर रही, लेकिन इसके बावजूद वह मेलोनी को पसंद करते हैं और उन्हें एक अच्छी नेता मानते हैं। ट्रंप के इस बयान को दोनों नेताओं के संबंधों में नरमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि ईरान से जुड़े घटनाक्रम के दौरान इटली ने अमेरिका की अपेक्षित मदद नहीं की, जिससे दोनों नेताओं के रिश्तों में कुछ तनाव पैदा हुआ था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में दोनों के बीच बातचीत सकारात्मक रही है और संबंधों में सुधार की संभावना बनी हुई है।
ट्रंप ने कहा कि जॉर्जिया मेलोनी एक अच्छी इंसान हैं और उनके साथ व्यक्तिगत स्तर पर उनके संबंध सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद जारी रहा। उनके अनुसार किसी एक मुद्दे पर असहमति का अर्थ यह नहीं है कि व्यापक द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हो जाएं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने बयान में दोहराया कि ईरान से जुड़े हालिया संकट के दौरान उन्होंने इटली से सहयोग की अपेक्षा की थी। उनका कहना था कि अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने से उन्हें निराशा हुई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर इटली की सरकार पर किसी प्रकार का अत्यधिक दबाव नहीं बनाया और प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होता है।
पिछले कुछ सप्ताहों में दोनों नेताओं के संबंधों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ईरान, नाटो और अन्य वैश्विक मुद्दों को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताओं में अंतर दिखाई दिया था। इसके अलावा कुछ सार्वजनिक टिप्पणियों के बाद दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ने की अटकलें भी लगाई जा रही थीं।
जॉर्जिया मेलोनी को लंबे समय तक ट्रंप के करीबी सहयोगियों में गिना जाता रहा है। दोनों नेताओं के बीच कई वैश्विक मुद्दों पर पहले भी समान दृष्टिकोण देखने को मिला था। हालांकि हालिया घटनाक्रम के दौरान ईरान से जुड़े फैसलों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक रुख को लेकर दोनों के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से सामने आए।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के ताजा बयान का उद्देश्य मतभेदों को स्वीकार करने के साथ-साथ सहयोग की संभावनाओं को भी खुला रखना है। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में सहयोगी देशों के बीच कई मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण होना सामान्य माना जाता है, लेकिन संवाद और कूटनीतिक संपर्क बनाए रखना संबंधों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण होता है।
आने वाले समय में अमेरिका और इटली के बीच रक्षा, व्यापार, नाटो सहयोग तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर होने वाली बातचीत दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करेगी। फिलहाल ट्रंप के बयान से यह संकेत मिला है कि मतभेदों के बावजूद दोनों पक्ष संवाद बनाए रखने और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।
