नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 15,जुलाई,2026(हिन्द संतरी) जिला प्रशासन नर्मदापुरम द्वारा जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी एवं साइबर पुलिस के सहयोग से आज कलेक्टर कार्यालय के रेवा सभा कक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय साइबर सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल कार्य प्रणाली अपनाने और सुशासन को मजबूत करने के प्रति जागरूक करना था।
डिजिटल सुरक्षा सुशासन का महत्वपूर्ण आधार: अपर कलेक्टर
अपर कलेक्टर श्री राजेश शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में श्री शुक्ला ने कहा कि वर्तमान में शासन की अधिकांश सेवाएँ डिजिटल माध्यम से संचालित हो रही हैं। ऐसे में शासकीय ई-मेल, ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल अभिलेखों और नागरिकों के संवेदनशील डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कार्यशाला में सीखे गए साइबर सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों को अपने दैनिक शासकीय कार्यों में व्यावहारिक रूप से अपनाने और कार्यालयों में एक सुरक्षित डिजिटल कार्य संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।

विशेषज्ञों ने दिए साइबर हमलों से बचाव के कड़े मंत्र
तकनीकी सत्र में साइबर पुलिस के विशेषज्ञ अधिकारियों ने व्यावहारिक प्रस्तुतीकरण और वास्तविक केस स्टडीज के जरिए विभिन्न साइबर खतरों और उनके बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। शासकीय ई-मेल का सुरक्षित उपयोग, मजबूत पासवर्ड नीति और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को लागू करना तथा साइबर हमलों की पहचान कर स्पीयर फिशिंग, विशिंग, स्मिशिंग और रैनसमवेयर हमलों की कार्यप्रणाली व उनसे बचाव के तरीके बताये एव डेटा प्रबंधन मे शासकीय डेटा, डिजिटल अभिलेखों की सुरक्षा, नियमित डेटा बैकअप और डेटा रिकवरी को आवश्यक बताया सिस्टम को अपडेट रखना, एंटीवायरस का उपयोग, सुरक्षित ब्राउज़िंग और यूएसबी उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानियां बरती जानी चाहिए। किसी भी साइबर घटना की स्थिति में तत्काल अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, रिपोर्टिंग व्यवस्था और साइबर हेल्पलाइन के उपयोग की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे हमारी छोटी-छोटी असावधानियाँ बड़े साइबर हमलों का कारण बन जाती हैं और सामान्य सुरक्षा उपायों को अपनाकर इनसे आसानी से बचा जा सकता है। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख, जिला स्तरीय अधिकारी तथा कलेक्टर कार्यालय एवं जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
