नीलेश यादव जिला ब्यूरो
विक्रेताओ को संधारित करने होगे आवश्यक अभिलेख एवं निर्धारित प्रारूप में जानकारी।
उपसंचालक,किसान कल्याण तथा कृषि विकास,जिला नर्मदापुरम श्री रविकांत सिंह द्वारा बताया गया कि प्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) के माध्यम से दिनांक 01 अप्रैल 2026 से संदर्भित पत्र से प्रारंभ की गई थी। इसमें आंशिक संशोधन करते हुए दिनांक 30 जुलाई 2026 से शासन द्वारा ई-विकास प्रणाली की व्यवस्थाओं के सरलीकरण हेतु गठित समिति की अनुशंसाओं के प्राप्त होंने तक उर्वरक वितरण व्यवस्था प्रदेश में हाईब्रिड मोड में करने का निर्णय लिया गया है। हाईब्रिड मोड में उर्वरक वितरण करने के लिए निम्न निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करेंः-
1. दिनांक 30 जुलाई 2026 तक ई-विकास से वितरित उर्वरक की मात्रा का अभिलेख संधारित कर रखा जावे।
2. दिनांक 30 जुलाई 2026 से आगामी आदेश तक जो उर्वरक किसानों को विक्रय किया जावेगा इस हेतु निम्न
दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से संधारण किया जावे –
2.1 किसान का आधार कार्ड की छायाप्रति।
2.3 मोबाईल नम्बर।
2.4 प्रदाय उर्वरक की कंपनी वार (यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी, एमओपी पृथक
पृथक) मात्रा सहित जानकारी, आवश्यक रूप से संधारित की जावे।
3. विक्रय की गई मात्रा को बाद में पोर्टल पर इंद्राज करना होगा।
4. बिन्दु क्रमांक-02 में अंकित जानकारी पैक्स, विपणन संघ के डबल लॉक केन्द्र, एम.पी. एग्रो के विक्रय
केन्द्र एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं द्वारा रजिस्ट्रर में निर्धारित प्रपत्र में संधारित की जाना होगी।
