नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम23,सितम्बर,2026(हिन्द संतरी ) ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को स्वरोजगार एवं आय का सशक्त माध्यम बनाने में शासन की योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नर्मदापुरम जिले के इटारसी तहसील के ग्राम डांडीवाड़ा निवासी श्री सुनील ब्रह्मवंशी ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) का लाभ लेकर बकरी पालन को व्यवस्थित व्यवसाय का रूप दिया है। आज उनकी बकरी पालन इकाई न केवल उनकी आय का प्रमुख माध्यम बनी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रही है।
श्री सुनील ब्रह्मवंशी ने मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सहयोग से केंद्र सरकार की राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने लगभग एक करोड़ रुपये की परियोजना के अंतर्गत बकरी पालन व्यवसाय प्रारंभ किया, जिसके लिए उन्हें 50 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।
श्री ब्रह्मवंशी पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से इस परियोजना का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। बकरियों के पालन-पोषण, स्वास्थ्य एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने इस व्यवसाय को निरंतर विकसित किया है। बकरियों की बिक्री से उन्हें प्रतिमाह लाखों रुपये की आय प्राप्त हो रही है। पशुपालन से होने वाली इस आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही उन्हें एक सफल पशुपालक एवं उद्यमी के रूप में स्थापित किया है।
श्री ब्रह्मवंशी की बकरी पालन इकाई का लाभ केवल उन्हें ही नहीं मिल रहा है, बल्कि इससे आसपास के लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। बकरियों की देखभाल, पालन-पोषण एवं अन्य कार्यों में स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस प्रकार यह इकाई ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के साथ-साथ रोजगार सृजन का भी माध्यम बन रही है।
श्री सुनील ब्रह्मवंशी बताते हैं कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना का लाभ मिलने के बाद उनके व्यवसाय को विस्तार देने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। योजना के माध्यम से प्राप्त सहयोग से उन्होंने बकरी पालन को व्यवस्थित एवं व्यावसायिक रूप से संचालित किया। आज वे अपने व्यवसाय से अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं और अपने भविष्य को लेकर उत्साहित एवं संतुष्ट हैं।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के माध्यम से स्थापित श्री ब्रह्मवंशी की बकरी पालन इकाई ग्रामीण युवाओं और पशुपालकों के लिए यह संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का उचित लाभ लेकर पशुपालन को आय एवं रोजगार के स्थायी माध्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है। आधुनिक प्रबंधन, बेहतर पशुपालन पद्धतियों और योजनाओं से मिलने वाले वित्तीय सहयोग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में पशुधन आधारित उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों एवं ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, पशुधन क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसरों का सृजन करना है। श्री सुनील ब्रह्मवंशी की सफलता इस दिशा में योजनाओं के प्रभाव का एक उदाहरण है।
