नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 23,सितम्बर,2026(हिन्द संतरी ) शासन की योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। नर्मदापुरम निवासी मनीषा उइके को जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से बिरसा मुंडा योजना का लाभ मिला। योजना से प्राप्त सहायता का उपयोग उन्होंने कॉस्मेटिक एवं कपड़ों का व्यवसाय शुरू करने में किया, जिससे उनकी आजीविका को नई दिशा मिली है।
मनीषा उइके बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपने कार्य को आगे बढ़ाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में उन्हें जनजातीय कार्य विभाग के माध्यम से बिरसा मुंडा योजना की जानकारी मिली। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उन्होंने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग अपना रोजगार शुरू करने में किया।
उन्होंने बताया कि सहायता राशि से उन्होंने कॉस्मेटिक एवं कपड़ों का व्यवसाय प्रारंभ किया। स्वयं का व्यवसाय शुरू होने से उन्हें नियमित रूप से आय अर्जित करने का अवसर मिला। योजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपने कार्य को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने और व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद की।
मनीषा उइके बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने के बाद उनकी आजीविका एवं आय में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। स्वयं का रोजगार स्थापित होने से परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है।
उनका कहना है कि उनके व्यवसाय के माध्यम से अन्य लोगों को भी रोजगार एवं कार्य के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग मिल रहा है। अब वे अपने व्यवसाय को और अधिक विस्तार देने के लिए प्रयासरत हैं तथा भविष्य में इसे उच्च स्तर तक ले जाने की योजना बना रही हैं।
सुश्री मनीषा उइके ने कहा कि बिरसा मुंडा योजना उनके लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर बनी है। योजना से मिले सहयोग ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
उन्होंने योजना का लाभ दिलाने के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का हृदय से धन्यवाद किया। मनीषा उइके की सफलता यह दर्शाती है कि योजनाओं के माध्यम से उपलब्ध कराई गई सहायता का उपयोग कर हितग्राही स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आजीविका को सुदृढ़ कर सकते हैं।
