भारतीय कन्याएँ
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[ गीतिका ]
कन्याएँ वसुधा की पूँजी, मिल सम्मान करें।
पूजनीय दुहिताओं से,जीवन द्युतिमान करें।
परमेश्वर ने सृष्टि अनोखी, कभी बनायी है,
बालाओं की अतुल महत्ता की पहचान करें।
दो पहिए हैं, भव्य जिंदगी चलती रहती है,
प्रगति-पंथ के हेतु,पुत्रियों का आह्वान करें।
भारत का अध्यात्म,धर्म का मार्ग पवित्र रहे,
तनुजाओं का वंदन करके देशोत्थान करें।
लेकर जन्म सुताएँ अपनी मूल्यवान होतीं,
सफलीभूत रहें, वैवाहिक-कन्यादान करें।
आजीवन तनयाएँ पूजित देवी होती हैं,
ध्यान मान का रखें,नहीं कोई अपमान करें।
भारतीय विज्ञान उच्च है,संस्कृति,नव-शिक्षा,
पकड़ें मूल-यथार्थ,हिंद को हम धनवान करें।
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✒️ डॉ शेषपालसिंह ‘शेष’
‘वाग्धाम’–11डी/ई-36डी,
बालाजीनगर कॉलोनी,
टुण्डला रोड,आगरा–282006
मोबा०–9411839862
