टीजर में एक ऐसे वैवाहिक जीवन को दिखाया गया है, जिसमें मुख्य किरदार अपने रिश्ते से इतर अन्य संबंधों में उलझा हुआ नजर आता है। कहानी में आयुष्मान खुराना के साथ सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह की मौजूदगी एक जटिल रोमांटिक स्थिति को दर्शाती है। इसे हल्के-फुल्के और हास्यपूर्ण अंदाज में पेश किया गया है, लेकिन यही बात कुछ दर्शकों को असहज कर रही है। उनका मानना है कि विवाह और विश्वास जैसे विषयों को इस तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं है।
दर्शकों के एक हिस्से ने यह सवाल उठाया है कि क्या मनोरंजन के नाम पर गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामान्य बनाना सही है। उनका कहना है कि फिल्म में बेवफाई और धोखे जैसे संवेदनशील विषयों को कॉमेडी के रूप में दिखाया गया है, जिससे समाज में गलत संदेश जा सकता है। इस तरह के कंटेंट को लेकर यह चिंता भी जताई जा रही है कि यह रिश्तों की वास्तविक जटिलताओं को हल्के रूप में पेश करता है और दर्शकों की सोच को प्रभावित कर सकता है।
इसके साथ ही जेंडर स्टीरियोटाइप्स को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि पुरुष किरदार के व्यवहार को हास्य के रूप में स्वीकार्य दिखाया गया है, जबकि इसी तरह की कहानी अगर महिला दृष्टिकोण से दिखाई जाती, तो उसकी प्रतिक्रिया अलग होती। इस मुद्दे ने फिल्म के प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण को और मजबूत किया है और दर्शकों के बीच विचारों का विभाजन स्पष्ट रूप से सामने आया है।
दिलचस्प रूप से यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब रकुल प्रीत सिंह की आगामी फिल्म रामायणम् भी चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म में उनकी संभावित भूमिका को लेकर दर्शकों में उत्सुकता है, जो एक पौराणिक और गंभीर विषय से जुड़ी है। ऐसे में उनकी दूसरी फिल्म को लेकर उठ रहे सवाल उनके करियर के विभिन्न पहलुओं को एक साथ चर्चा में ला रहे हैं।
फिल्मों के जरिए समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार यह मुद्दा फिर से प्रमुखता से उभरकर सामने आया है। पति पत्नी और वो 2 का टीजर इस बहस को एक बार फिर जीवित कर रहा है, जहां मनोरंजन और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।
