हाल के कारोबारी सत्र में शेयर लगभग 53 रुपये के स्तर पर बंद हुआ, जिससे बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या यह आगे चलकर 64 रुपये के स्तर को पार कर सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी में आई यह तेजी केवल अल्पकालिक नहीं है, बल्कि इसके पीछे सेक्टर की मजबूत संभावनाएं भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
ब्रोकरेज हाउस जेएम फाइनेंशियल ने सुजलॉन एनर्जी पर अपनी BUY रेटिंग को बरकरार रखते हुए अगले 12 महीनों के लिए 64 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा स्तर से शेयर में लगभग 30 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़त की संभावना बनी हुई है। इसके पीछे मुख्य कारण भारत में तेजी से बढ़ती बिजली की मांग और नवीकरणीय ऊर्जा पर सरकार का बढ़ता फोकस माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार विंड एनर्जी सेक्टर आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर तब जब सोलर और गैस आधारित ऊर्जा उत्पादन दिन के कुछ समय तक सीमित रहता है। शाम और रात के समय बिजली की मांग को पूरा करने में विंड एनर्जी एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिल सकता है।
सरकारी स्तर पर भी विंड एनर्जी क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर नए प्रोजेक्ट्स शुरू होने की संभावना है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और विस्तार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे कंपनियों की ऑर्डर बुक मजबूत होने और उत्पादन क्षमता में सुधार की उम्मीद है।
कंपनी के प्रदर्शन में हाल के समय में सुधार देखने को मिला है। प्रोजेक्ट्स के निष्पादन और डिलीवरी में तेजी आई है, जिससे पहले की तुलना में कामकाज अधिक सुचारू हुआ है। इससे कंपनी के कैश फ्लो में सुधार और नए ऑर्डर्स मिलने की संभावना भी बढ़ी है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि सुजलॉन के शेयर की दिशा आगे चलकर पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मांग, सरकारी नीतियों और वैश्विक ऊर्जा परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि सेक्टर में मौजूदा रफ्तार बनी रहती है, तो शेयर में आगे और मजबूती देखने को मिल सकती है।
