यह आईपीओ 58 करोड़ रुपये के करीब का एक बुक बिल्ड इश्यू है, जिसमें कंपनी ने नए शेयर जारी किए हैं। ओवरऑल सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों के अनुसार यह इश्यू 80 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। पहले दिन जहां सब्सक्रिप्शन कमजोर रहा था, वहीं दूसरे और तीसरे दिन अचानक आई तेजी ने इसे बहु-गुना ओवरसब्सक्राइब कर दिया। खास बात यह रही कि हर श्रेणी में निवेशकों की भागीदारी मजबूत देखने को मिली, जिसमें संस्थागत निवेशकों से लेकर रिटेल कैटेगरी तक में उल्लेखनीय मांग दर्ज की गई।
कंपनी का प्राइस बैंड तय सीमा में रखा गया था, और इसी के आधार पर ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों को सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। मौजूदा अनुमानों के अनुसार ग्रे मार्केट प्रीमियम में मजबूती देखने को मिल रही है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि लिस्टिंग के समय निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ग्रे मार्केट केवल एक संकेत होता है और वास्तविक प्रदर्शन बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।
शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और निवेशकों को जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें कितने शेयर आवंटित हुए हैं। इसके तुरंत बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग तय तारीख पर होने की संभावना है, जिससे बाजार में नई हलचल देखने को मिल सकती है। अलॉटमेंट और लिस्टिंग की इस प्रक्रिया को लेकर निवेशकों में खासा उत्साह है, क्योंकि मजबूत सब्सक्रिप्शन के बाद उम्मीदें बढ़ गई हैं।
कंपनी का मुख्य फोकस आउट-ऑफ-होम विज्ञापन क्षेत्र पर है, जिसमें होर्डिंग्स, डिजिटल डिस्प्ले, बस पैनल, कियोस्क और अन्य माध्यम शामिल हैं। यह मॉडल तेजी से बढ़ते विज्ञापन बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी विभिन्न सेक्टरों के क्लाइंट्स के साथ काम करती है, जिसमें कॉरपोरेट, रियल एस्टेट, एंटरटेनमेंट और सरकारी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके नेटवर्क में बड़ी संख्या में मीडिया एसेट्स का संचालन भी शामिल है, जो इसे इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बनाता है।
आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और तकनीकी विकास के लिए करने की योजना बना रही है। इसमें डिजिटल LED स्क्रीन की स्थापना, रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करना शामिल है। इससे कंपनी के संचालन और बाजार उपस्थिति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
