जयपुर। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Former Vice President Jagdeep Dhankhar) शुक्रवार को स्वास्थ्य जांच (Health Check-up) के लिए जयपुर पहुंचे, जहां निजी अस्पताल में उनकी सफल एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) की गई। लेकिन इस पूरे मेडिकल प्रोटोकॉल के बीच एक ऐसी चूक सामने आई, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। धनखड़ के लिए रिजर्व रखे जाने वाले ब्लड ग्रुप को लेकर जयपुर CMHO कार्यालय से बड़ी गलती हो गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते यह त्रुटि पकड़ में आ गई और संशोधित पत्र जारी कर स्थिति संभाल ली गई।
ब्लड ग्रुप की गलती से मचा हड़कंप
पूर्व उपराष्ट्रपति के जयपुर दौरे को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से विशेष मेडिकल प्रोटोकॉल लागू किया गया था। उनके निजी सचिव की ओर से भेजे गए आधिकारिक प्रोटोकॉल लेटर में स्पष्ट रूप से A पॉजिटिव ब्लड ग्रुप रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जयपुर CMHO कार्यालय ने SMS अस्पताल प्रशासन को जो पत्र भेजा, उसमें गलती से O नेगेटिव ब्लड ग्रुप रिजर्व रखने का उल्लेख कर दिया।
मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। अधिकारियों ने तत्काल पत्र में सुधार कराया और संशोधित निर्देश SMS अस्पताल को भेजे गए। यदि यह गलती समय रहते नहीं पकड़ी जाती तो गंभीर स्थिति पैदा हो सकती थी।
CMHO बोले- टाइपिंग मिस्टेक थी
जयपुर CMHO डॉ. रवि शेखावत ने इस पूरे मामले को टाइपिंग की त्रुटि बताया। उन्होंने कहा कि O नेगेटिव ब्लड ग्रुप पूर्व उपराष्ट्रपति की पत्नी का है, जो गलती से धनखड़ के नाम के सामने दर्ज हो गया। जैसे ही यह त्रुटि सामने आई, तुरंत उसे ठीक कर नया पत्र जारी कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में किसी तरह की चिकित्सा प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई।
एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल पहुंचे धनखड़
पूर्व उपराष्ट्रपति शुक्रवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे जवाहर सर्किल स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उन्हें प्रारंभिक जांच के लिए भर्ती किया गया, जहां विभिन्न कार्डियक और रूटीन मेडिकल टेस्ट किए गए। चिकित्सकों की सलाह के बाद दोपहर में उनकी एंजियोग्राफी की गई और इसके बाद एंजियोप्लास्टी का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, धनखड़ के हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज मिलने के बाद दो स्टेंट लगाए गए। पूरा कार्डियक प्रोसीजर वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन के. शर्मा की निगरानी में संपन्न हुआ। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उनकी स्थिति स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
राजनीतिक नेताओं ने भी जाना हालचाल
पूर्व उपराष्ट्रपति के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर धनखड़ से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
पहले भी हो चुका है कार्डियक उपचार
यह पहला मौका नहीं है जब जगदीप धनखड़ को हृदय संबंधी उपचार कराना पड़ा हो। इससे पहले मार्च 2025 में भी उन्हें हृदय संबंधी समस्या के चलते नई दिल्ली स्थित AIIMS में भर्ती कराया गया था, जहां उनका कार्डियक प्रोसीजर किया गया था। वहीं 12 जनवरी 2025 को अचानक तबीयत बिगड़ने और बेहोशी की शिकायत के बाद भी उन्हें AIIMS में भर्ती कर MRI सहित कई महत्वपूर्ण जांचें कराई गई थीं। चिकित्सकों की सलाह पर वे नियमित कार्डियक फॉलो-अप कराते रहे हैं।
5 जुलाई को दिल्ली लौटेंगे
मेडिकल प्रक्रिया के बाद धनखड़ फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में जयपुर में ही रहेंगे। उनके कार्यक्रम के अनुसार वे 3 और 4 जुलाई को जयपुर में रुकेंगे। इस दौरान उनका ठहराव लोकभवन में प्रस्तावित है। स्वास्थ्य में सुधार होने पर वे 5 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
एक गलती जिसने खड़े कर दिए बड़े सवाल
पूर्व उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर रह चुके व्यक्ति के मेडिकल प्रोटोकॉल में ब्लड ग्रुप जैसी बुनियादी जानकारी का गलत दर्ज होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि अधिकारियों ने इसे महज टाइपिंग मिस्टेक बताया और समय रहते सुधार भी कर लिया, लेकिन इस घटना ने यह जरूर दिखा दिया कि वीवीआईपी प्रोटोकॉल में छोटी सी लापरवाही भी बड़े जोखिम का कारण बन सकती है। फिलहाल राहत की बात यह है कि धनखड़ की एंजियोप्लास्टी सफल रही है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
