सूत्रों के अनुसार, संगठन के भीतर यह चर्चा तेज है कि मसूद अजहर की तबीयत ठीक नहीं है और वह लंबे समय से सक्रिय रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, कुछ आकलन यह भी बताते हैं कि उसकी स्थिति को लेकर जानबूझकर जानकारी छिपाई जा रही है, ताकि संगठन के भीतर मनोबल पर असर न पड़े बताया जा रहा है कि पहले जहां वह नियमित रूप से अपने कैडरों को संबोधित करता था और गतिविधियों में सक्रिय रहता था, वहीं अब उसकी सार्वजनिक उपस्थिति लगभग समाप्त हो चुकी है। इससे संगठन के अंदर भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है।
खुफिया आकलनों में यह भी संकेत मिलता है कि हाल की घटनाओं और आंतरिक दबावों के कारण उसका प्रभाव पहले की तुलना में कमजोर हुआ है। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
इसी बीच यह भी कहा जा रहा है कि संगठन अब संभावित रूप से नए नेतृत्व की तैयारी कर रहा है, क्योंकि मौजूदा हालात में निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इससे पुराने और नए सदस्यों के बीच अनिश्चितता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।
अब तक मसूद अजहर की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट पुष्टि सामने नहीं आई है, और पूरा मामला रहस्य बना हुआ है। इसी वजह से उसके भविष्य और संगठन में उसकी भूमिका को लेकर लगातार अटकलें जारी हैं।
