ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, पोप लियो ने लगातार ईरान पर हुए हमलों की आलोचना की है और इन्हें मानवता के खिलाफ बताया है। पेजेश्कियान ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए ईरान पर हमले किए गए, तब पोप ने सही और न्यायपूर्ण आवाज उठाई, जिसके लिए ईरान उनका आभारी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पोप लियो XIV ने अमेरिका और इजराइल के सैन्य हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि इससे आम नागरिकों और बच्चों की मौत हो रही है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने युद्ध के बजाय शांति और बातचीत की अपील की है। इसी रुख को लेकर उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी तनातनी देखने को मिली थी।
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने बयान में यह भी कहा कि इन हमलों में कई मासूम लोगों की जान गई, जिनमें दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर के एक स्कूल के बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और कानून के शासन को सीधी चुनौती देती है।
इस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था अब एक ही शक्ति के भरोसे नहीं चल सकती। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया अब बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां किसी एक देश का दबदबा टिकाऊ नहीं है।
कुल मिलाकर, पोप लियो के बयान और ईरान के समर्थन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया तनाव और बहस पैदा कर दी है, जिसमें अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है
