लिवर न केवल शरीर से जहरीले तत्वों (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालता है, बल्कि यह पाचन के लिए पित्त बनाने और महत्वपूर्ण विटामिन्स को स्टोर करने का कार्य भी करता है। यदि इसमें सूजन या खराबी आती है, तो यह पूरे शरीर की कार्यप्रणाली को ठप कर सकता है। दुर्भाग्यवश, आजकल हर दूसरा व्यक्ति ‘फैटी लिवर’ की समस्या से जूझ रहा है, जिसका मुख्य कारण वह भोजन है जिसे हम सुरक्षित और सामान्य समझकर खा रहे हैं।
लिवर को चुपचाप नुकसान पहुँचाने वाली चीजों में सबसे ऊपर प्रोसेस्ड और पैकेट बंद खाद्य पदार्थ आते हैं। इन डिब्बाबंद स्नैक्स में नमक, चीनी और कृत्रिम प्रिजर्वेटिव्स की भारी मात्रा होती है, जो लिवर की कोशिकाओं में सूजन पैदा करती है। इसी श्रेणी में अत्यधिक चीनी वाले आहार भी शामिल हैं। जब हम सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स या बहुत अधिक मीठा खाते हैं, तो लिवर उस अतिरिक्त शुगर को फैट में बदलने लगता है।
समय के साथ यह फैट लिवर में जमा होकर सिरोसिस और फाइब्रोसिस जैसी जानलेवा बीमारियों का मार्ग प्रशस्त करता है, जहाँ लिवर पूरी तरह काम करना बंद कर सकता है।
एक और गंभीर खतरा बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स और प्रोटीन पाउडर के सेवन से जुड़ा है। फिटनेस के प्रति बढ़ते जुनून के कारण कई लोग बिना उचित जानकारी के भारी मात्रा में सप्लीमेंट्स लेते हैं, जो लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं। इसके साथ ही, मामूली शारीरिक दर्द के लिए बार-बार पेनकिलर्स (दर्द निवारक दवाएं) लेना भी एक आत्मघाती कदम साबित हो सकता है।
ये दवाएं रक्त के माध्यम से सीधे लिवर तक पहुँचती हैं और उसे अंदर से डैमेज करना शुरू कर देती हैं। वहीं, जंक फूड और डीप फ्राइड आइटम्स जैसे मोमोज, चाऊमीन और फ्रेंच फ्राइज में इस्तेमाल होने वाला तेल लिवर की पाचन शक्ति को नष्ट कर देता है।
लिवर की सेहत को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है क्योंकि यह विटामिन A, D, E और B12 का मुख्य भंडार है। शराब जहाँ इन पोषक तत्वों को सोख लेती है, वहीं ये पांचों ‘साइलेंट किलर’ लिवर की फिल्टर करने की क्षमता को खत्म कर देते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर की रक्षा के लिए प्राकृतिक और संतुलित आहार ही सबसे उत्तम मार्ग है। यदि आप भी नियमित रूप से बाजार के तले-भुने खाने या बिना जरूरत दवाओं का सेवन कर रहे हैं, तो आज ही संभलने की जरूरत है। स्वस्थ जीवन जीने के लिए लिवर का ‘हैप्पी और हेल्दी’ होना अनिवार्य है।
