ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भगवान को अर्पित किए गए फूल और मालाएं श्रद्धा का प्रतीक होती हैं, लेकिन जब वे पूरी तरह सूख जाएं या मुरझा जाएं तो उन्हें लंबे समय तक मंदिर में रखना उचित नहीं माना जाता। ऐसी वस्तुओं को समय-समय पर हटाकर ताजे फूल अर्पित करने की परंपरा कई परिवारों में आज भी निभाई जाती है। इससे पूजा स्थल स्वच्छ और व्यवस्थित बना रहता है।
पूजा घर में कैंची, चाकू, सुई, पिन या अन्य नुकीली वस्तुएं रखने से भी बचने की सलाह दी जाती है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन वस्तुओं को पूजा स्थल की सात्विकता के अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए सुविधा के लिए भी इन्हें मंदिर में रखने के बजाय अलग स्थान पर रखना बेहतर समझा जाता है।
शंख को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से जुड़ा पवित्र प्रतीक माना जाता है। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सामान्य पूजा के लिए एक शंख पर्याप्त माना जाता है। बिना किसी विशेष धार्मिक परंपरा या अनुष्ठान के एक से अधिक शंख रखने की सलाह नहीं दी जाती। हालांकि विभिन्न संप्रदायों और धार्मिक परंपराओं में इस विषय पर अलग-अलग मान्यताएं भी देखने को मिलती हैं।
दीपक या अगरबत्ती जलाने के बाद बची हुई जली माचिस की तीलियां, राख या अन्य अवशेषों को भी पूजा स्थल में छोड़ना उचित नहीं माना जाता। नियमित सफाई करने और इन वस्तुओं को तुरंत हटाने की परंपरा का उद्देश्य मंदिर की स्वच्छता बनाए रखना माना जाता है। स्वच्छ वातावरण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, बल्कि सामान्य स्वास्थ्य और साफ-सफाई के लिए भी लाभकारी होता है।
इसी प्रकार खंडित मूर्तियों या फटी हुई धार्मिक तस्वीरों को भी पूजा घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारणवश मूर्ति खंडित हो जाए तो अनेक धार्मिक परंपराओं में उसका सम्मानपूर्वक विसर्जन या उचित धार्मिक विधि से स्थानांतरण करने की बात कही जाती है। इसे आस्था और श्रद्धा के सम्मान से जोड़कर देखा जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूजा स्थल को प्रतिदिन साफ रखना, नियमित रूप से दीप प्रज्वलित करना, ताजे फूल अर्पित करना और अनावश्यक वस्तुओं को हटाना अच्छी धार्मिक परंपरा मानी जाती है। साथ ही यह भी समझना आवश्यक है कि जीवन में आर्थिक प्रगति, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख केवल वास्तु या ज्योतिषीय मान्यताओं पर निर्भर नहीं होते। मेहनत, अनुशासित जीवनशैली, सही निर्णय और सकारात्मक सोच भी सफलता तथा समृद्धि के महत्वपूर्ण आधार माने जाते हैं।
