वास्तु शास्त्र के अनुसार मंगलवार की शुरुआत घर की साफ सफाई से करनी चाहिए। मुख्य द्वार को विशेष रूप से स्वच्छ रखना शुभ माना जाता है क्योंकि यही स्थान सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का मार्ग माना जाता है। मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाना या शुभ प्रतीक अंकित करना भी मंगलकारी माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है और नकारात्मक प्रभाव कम होने की मान्यता है।
इस दिन भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और भय तथा मानसिक तनाव दूर होने की मान्यता है। पूजा में सिंदूर चमेली का तेल और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। साथ ही गुड़ और भुने हुए चने का भोग लगाने के बाद उनका प्रसाद बांटना भी मंगलकारी माना जाता है।
वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। इसलिए मंगलवार को इस दिशा की विशेष सफाई करने और यहां किसी प्रकार का कबाड़ या टूटा फूटा सामान न रखने की सलाह दी जाती है। घर में लंबे समय से खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान जंग लगे लोहे के उपकरण या बेकार वस्तुओं को हटाना भी सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाभकारी माना जाता है।
मंगलवार को जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना गया है। लाल मसूर की दाल लाल वस्त्र या गुड़ का दान करने से मंगल ग्रह की शुभता बढ़ने की मान्यता है। वहीं बंदरों या गाय को भोजन कराना भी कई लोग शुभ मानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे कार्यों से जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
घर के मंदिर में नियमित रूप से दीपक जलाना और शाम के समय मुख्य द्वार पर दीप प्रज्ज्वलित करना भी वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है। इससे घर का वातावरण शांत और सकारात्मक बना रहता है। इसके अलावा मंगलवार के दिन क्रोध विवाद और कटु वचन से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि शांत व्यवहार को ही मंगल ग्रह की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय माना गया है।
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार इन उपायों को किसी अंधविश्वास के बजाय आस्था और सकारात्मक जीवनशैली के रूप में अपनाना चाहिए। नियमित साफ सफाई अनुशासित दिनचर्या पूजा पाठ और सेवा भाव जैसे कार्य न केवल मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं बल्कि परिवार के भीतर सौहार्द और सकारात्मक वातावरण भी मजबूत करते हैं।
