इस महत्वपूर्ण परियोजना को राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी के निरंतर प्रयासों के बाद गति मिली थी वर्ष 2024 के बजट में मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस पुल के लिए 10 करोड़ 39 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई थी इसके बाद सेतु विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं और 12 मार्च 2025 को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई अंततः निर्माण का कार्य सीहोर की मेसर्स काला इंजीनियरिंग एजेंसी को सौंपा गया और अब भूमि पूजन के साथ कार्य औपचारिक रूप से शुरू हो गया है
भूमिपूजन कार्यक्रम सिलावद और होलगांव के बीच आयोजित किया गया जहां बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे कार्यक्रम के बाद मंत्री राकेश सिंह ने खुली जीप में पुराना बस स्टैंड से पुराना थाना मैदान तक रोड शो भी किया जहां लोगों ने उनका स्वागत किया इस दौरान मंच पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली
मंत्री राकेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि क्षेत्र के विकास की नई दिशा है उन्होंने कहा कि गोई नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को वर्षों से भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था खासकर बरसात के मौसम में नदी पार करना जोखिम भरा होता था कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं जिसमें जानमाल की हानि हुई है ऐसे में यह पुल क्षेत्र के लिए जीवन रेखा साबित होगा
उन्होंने आगे कहा कि इस पुल के बनने से सिलावद होलगांव और आसपास के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा आवागमन सुरक्षित और सुगम होगा किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी वहीं छात्रों और मरीजों के लिए भी यात्रा सुविधाजनक होगी इसके अलावा सिलावद से पाटी की दूरी भी लगभग चार किलोमीटर कम हो जाएगी जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी
इस दौरान मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में विकास के बड़े वादे तो किए लेकिन जमीन पर परिणाम नहीं दिखे उन्होंने कांग्रेस को दिशाहीन पार्टी बताते हुए कहा कि आज भाजपा सरकार जनजातीय क्षेत्रों और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद डॉ सुमेरसिंह सोलंकी पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल विधायक श्याम बरड़े और सांसद गजेंद्र सिंह पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे सभी ने इसे क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया
ग्रामीणों ने भी इस परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह पुल उनकी वर्षों पुरानी परेशानी का समाधान है अब उन्हें नदी पार करने की जोखिम भरी स्थिति से राहत मिलेगी और क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी
