आत्माराम यादव प्रधान संपादक
भोपाल 02 सितम्बर 2026, (हिन्द संतरी ) दुनिया में बहिन भाई के बीच प्रेम ओर विश्वास का गहरा अटूट रिश्ता होता है ,किन्तु अगर यह रिश्ता दुनिया में ढिखाने के लिए सस्ती लोकप्रियता पाने का माध्यम बन जाये तो बहिने फिर इसका विरोध कर नाते को ही खत्म कर देती है। प्रदेश शासन के सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग भी अजीब है ओर उन्होने रक्षाबंधन को रक्षा महोत्सव का नाम दिया ओर पिछले साल भव्यता के साथ आयोजित किया जिसमें उन्हे 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने राखी बांधी जो एक रिकार्ड रहा है, किन्तु इस साल फिर विश्व के सबसे बड़े नरेला रक्षाबंधन महोत्सव नाम से बहनो के रक्षा बंधन बनाने का क्रम शुरू किया तो दो दिनों तक मात्र 59 हजार 286 बहने ही आ सकी, ओर विश्व का सबसे बड़ा महोत्सव 1 लाख 25 हजार 346 बहनों की अनुपस्थिति में फीका पड़ गया।
विश्वास सारंग का रक्षा महोत्सव गत वर्ष उन्हे रक्षा सूत्र बांधने आई बहनों की संख्या के कारण विश्व रिकार्ड कायम करने की ओर था जिसमें उन्हे इस साल 2 लाख बहनों के आने की प्रतीक्षा थी ओर इस तरह के तमाम इंतजाम किए गए थे किन्तु पहले दिन 22 हज़ार 432 बहनों ही रक्षासूत्र लेकर आई तब आयोजन दूसरे दिन फिर रखा जिसमें 36 हजार 854 बहने ही मंत्री श्री सारंग को रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद दे सकी अब मंत्री ने वार्ड 76 और 59 में रक्षाबंधन महोत्सव के क्रम को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रखा गया है ओर उनके सपोटर ,कार्यकर्ता ओर पूरी टीम घर घर से बहनों से रक्षासूत्र बंधवाकर आशीर्वाद का मौका गवाना नहीं चाहेंगे ।
किसी भाई का कम या एक राजनेता का बड़ा उत्सव था जो सिर्फ अपनी राजनीति को चमकाने के लिए बहनों की संख्या की बढ़ोत्तरी कर दुनियाभर में अपना रिकार्ड दुरुस्त करने में आयोजन की कमी में कसर नहीं रखना चाहता है लेकिन जिस प्रकार गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष आधी बहनें भी विश्वास के भाई होने का विश्वास कायम नही रख सकी यह भाई ओर बहनों के सम्बन्धों का उपहास ही रहा है , भले सारंग अब पिछले साल के रिकार्ड को पाने के लिए या बराबरी करने के लिए आगे जन्माष्टमी पर्व तक बहनों के रक्षासूत्र की प्रतीक्षा कर सकते है परंतु अगर उन्होने अपने भाई होने के धर्म का जितना निभाया होगा उतना तो उन्हे बहने सहयोग करेंगी ही ……
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