कांग्रेस ने मंगलवार को राजबाड़ा पर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन शाम 5 बजे से शुरू होगा, जिसमें कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल होंगे। इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के साथ-साथ पीसीसी चीफ जीतू पटवारी भी मौजूद रहेंगे।
कांग्रेस का आरोप है कि शहर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है, लेकिन नगर निगम और महापौर की ओर से इस समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। इसी कारण जनता को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। कई इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि लोगों को दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महापौर के इस्तीफे की मांग करेगी। चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया है कि वर्तमान महापौर शहर की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता “त्राहिमाम” कर रही है, लेकिन समाधान के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहे हैं।
प्रदर्शन की रूपरेखा के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ता राजबाड़ा पर धरना देंगे, नारेबाजी करेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे। इसके बाद यह प्रदर्शन नगर निगम कार्यालय की ओर बढ़ेगा, जहां प्रतीकात्मक रूप से खाली मटके फोड़े जाएंगे। यह कदम पानी संकट और प्रशासन की कथित लापरवाही के खिलाफ विरोध का प्रतीक माना जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है और यदि जल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और भी व्यापक किया जाएगा। उनका आरोप है कि शहर में बढ़ती आबादी के अनुरूप जल प्रबंधन व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, जिसके कारण यह संकट लगातार गहराता जा रहा है।
इधर, प्रशासन का पक्ष अभी सामने नहीं आया है, लेकिन शहर में पानी की आपूर्ति को लेकर शिकायतों में वृद्धि को देखते हुए यह मुद्दा पहले से ही चर्चा में है। ऐसे में राजबाड़ा पर होने वाला यह प्रदर्शन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कुल मिलाकर इंदौर में पानी संकट अब सिर्फ जनसमस्या नहीं बल्कि राजनीतिक संघर्ष का बड़ा मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
