पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि मालवा क्षेत्र से डोडा चूरा लाकर महाकौशल क्षेत्र के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। इसी दौरान 8 जून को कटंगी थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस का दावा है कि ट्रक चालक स्टॉपर तोड़कर भाग निकला, जिसके बाद टीम ने उसका पीछा किया और करीब पांच किलोमीटर दूर वाहन को रोक लिया।
पुलिस के अनुसार ट्रक चालक ने प्रारंभिक पूछताछ में वाहन में रासायनिक खाद भरी होने की जानकारी दी थी। हालांकि तलाशी के दौरान ट्रक के केबिन में रखी कुछ बोरियों ने पुलिस का ध्यान आकर्षित किया। जब इन बोरियों की जांच की गई तो उनमें नमकीन और ड्राई फ्रूट के पैकेट मिले। पैकेटों को खोलने पर कथित तौर पर उनके भीतर डोडा चूरा बरामद हुआ।
पुलिस ने ट्रक से कुल 73 पैकेट जब्त किए, जिनमें लगभग 18 किलो 130 ग्राम डोडा चूरा मिला। बरामद सामग्री के संबंध में पूछताछ के दौरान ट्रक चालक और उसके सहयोगी ने कुछ अन्य लोगों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी की।
जांच के क्रम में पुलिस एक संदिग्ध के घर पहुंची। घर की तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली, लेकिन बाहर खड़ी कार की जांच के दौरान उसी तरह के पैकेट बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि कार से 6 किलो 628 ग्राम डोडा चूरा, 50 हजार रुपए नकद और एक तौल मशीन जब्त की गई। अधिकारियों का मानना है कि तौल मशीन का उपयोग कथित तौर पर मादक पदार्थ की पैकिंग और बिक्री में किया जाता था।
इसके बाद पुलिस ने एक महिला आरोपी के घर भी दबिश दी, जहां से कथित रूप से डोडा चूरा बरामद हुआ। पूछताछ में महिला ने पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, जिनके आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं एक अन्य संदिग्ध, जिसे पुलिस इस नेटवर्क का प्रमुख सदस्य मान रही है, अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था तथा इसकी पहुंच किन-किन क्षेत्रों तक थी। साथ ही अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि महाकौशल क्षेत्र में डोडा चूरा तस्करी के खिलाफ यह अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक है। हालांकि मामले से जुड़े सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।
