जानकारी के अनुसार, प्रयागराज स्थित वेंकटेश्वर मठ के महंत राजेंद्र प्रसाद शुक्ल अपनी संस्था की लगभग 5 एकड़ जमीन के सीमांकन के लिए राजस्व विभाग की टीम और स्थानीय कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे थे। प्रक्रिया शांतिपूर्वक चल रही थी, लेकिन इसी दौरान सटे हुए भूमि मालिकों ने वहां पहुंचकर विवाद शुरू कर दिया।
आरोप है कि हरि प्रसाद उर्फ भोला पांडेय और अवधेश पांडेय ने जमीन को लेकर आपत्ति जताई और मौके पर गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि उन्होंने फोन कर अपने अन्य परिजनों को भी बुला लिया, जिसके बाद माहौल पूरी तरह हिंसक हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाबू पांडेय और सचिन पांडेय ने मौके पर पहुंचकर मठ के सेवादार संतलाल विश्वकर्मा पर लाठी-डंडों और लात-घूसों से हमला कर दिया। घटना के दौरान महंत राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की।
इस हमले में सेवादार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनके गले, चेहरे और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया गया और जान बचाई जा सकी।
Katni पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों हरि प्रसाद उर्फ भोला पांडेय, अवधेश पांडेय, बाबू पांडेय और सचिन पांडेय के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वहीं इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवादों में बढ़ती हिंसा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
