सरकार ने भोपाल संभाग के आयुक्त संजीव सिंह और रीवा संभाग के आयुक्त बाबू सिंह जामोद को उनके पदों से हटाकर मंत्रालय में नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अब कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि शैलेंद्र सिंह को रीवा संभाग की कमान सौंपी गई है। इन दोनों अधिकारियों की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में भी बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह को उनके पद से हटाकर पंजीयन महानिरीक्षक एवं अधीक्षक मुद्रांक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक गलियारों में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री सचिवालय को राज्य शासन की सबसे प्रभावशाली इकाइयों में गिना जाता है।
इस फेरबदल में जबलपुर नगर निगम के अपर आयुक्त अरविंद कुमार शाह का नाम भी चर्चा में रहा। हाल ही में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ विवाद के बाद उनका तबादला कर दिया गया है। हालांकि सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
राज्य सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। बाबू सिंह जामोद को नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है। मुकेश चंद्र गुप्ता को जेल विभाग का प्रमुख सचिव, डॉ. ई. रमेश कुमार को राजस्व विभाग का प्रमुख सचिव तथा विवेक कुमार पोरवाल को खनिज साधन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है।
इस सूची में एक और महत्वपूर्ण नाम अमन वीर सिंह का है। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के पुत्र अमन वीर सिंह पर सरकार ने भरोसा जताते हुए उन्हें ओएसडी सह आयुक्त कोष एवं लेखा तथा पदेन अपर सचिव वित्त विभाग की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले वे ऊर्जा विकास निगम में प्रबंध संचालक के रूप में कार्यरत थे।
वित्त विभाग और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है। अपर सचिव वित्त रोहित सिंह को मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। उनके पास स्कूल शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। वहीं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर्षिका सिंह को बजट संचालक नियुक्त किया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल के दौरान शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति भी चर्चा में रही। हाल ही में उनके ‘वॉश ऑन व्हील्स’ नवाचार को लेकर आईएएस एसोसिएशन के समूह में चर्चा और विवाद की स्थिति बनी थी। बाद में मुख्य सचिव ने उनके कार्यों की सराहना की थी। अब उन्हें नगरीय विकास विभाग के सचिव पद से हटाकर रीवा संभाग का आयुक्त बनाया गया है।
इसके अलावा सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। मनु श्रीवास्तव को कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) का अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। गुलशन बामरा को अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि अनिरुद्ध मुखर्जी को पर्यावरण विभाग और एपको की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
राज्य सरकार का यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे आगामी रणनीतिक बदलावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
