निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानों में मौजूद दवाओं के स्टॉक, उनकी एक्सपायरी डेट, तथा नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली दवाओं के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की गहन जांच की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि शेड्यूल-एच1 श्रेणी की दवाओं का रिकॉर्ड नियमों के अनुसार संधारित किया जा रहा है या नहीं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. गोविंद सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए, रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान बीपीएल चौराहा स्थित श्रीजी मेडिकल से दवाओं के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। इसके साथ ही सिटी मेडिकल और वीर फार्मा को निर्देश दिया गया है कि वे शेड्यूल-एच1 दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े सभी रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर विभाग के समक्ष प्रस्तुत करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर संबंधित संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने मौके पर मौजूद सभी मेडिकल संचालकों को स्टॉक रजिस्टर नियमित रूप से अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए।
सीतामऊ में पहले मिली थीं अनियमितताएं, दो मेडिकल फर्मों को नोटिस
सीएमएचओ डॉ. चौहान ने बताया कि इससे पहले सीतामऊ तहसील में किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के आधार पर पूजा मेडिकोज और मां आशापुरा मेडिकल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे प्राप्त जवाबों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
नशे के रूप में दवाओं के दुरुपयोग पर सख्ती
औषधि विभाग द्वारा सीतामऊ तहसील के सभी मेडिकल संचालकों की एक बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली दवाओं का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखा जाए और बिना चिकित्सकीय परामर्श किसी भी दवा का वितरण न किया जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी मेडिकल स्टोर पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
निगरानी और निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा
सीएमएचओ ने कहा कि विभाग का मुख्य उद्देश्य अवैध दवा कारोबार और दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाना है। साथ ही दवा वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना भी प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलेभर में इस तरह के औचक निरीक्षण और निगरानी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
