हाल ही में हुई बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थ बहकर शिवना नदी में पहुंच गए थे। नदी के किनारों और उथले हिस्सों में यह कचरा जमा हो गया था, जिससे नदी की स्वच्छता और प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होने लगा था। इसी को ध्यान में रखते हुए रविवार को विशेष सफाई अभियान चलाया गया।
श्रमदानियों ने नदी में उतरकर प्लास्टिक कचरा, गाद और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाला। कई घंटों तक चले इस अभियान के दौरान लगभग एक ट्रॉली कचरा एकत्र किया गया। इसके बाद एकत्रित अपशिष्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई, ताकि दोबारा यह सामग्री नदी या आसपास के क्षेत्रों को प्रदूषित न कर सके।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि शिवना नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि मंदसौर की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए इसकी स्वच्छता और संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। लगातार हो रहे श्रमदान से न केवल नदी का स्वरूप बदल रहा है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
अभियान के दौरान मौजूद सोनाली जैन ने बताया कि शिवना शुद्धिकरण अभियान का उद्देश्य केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है। इसके माध्यम से नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले इस अभियान में शामिल होकर अपने शहर और नदी के प्रति जिम्मेदारी निभाएं।
रविवार को आयोजित श्रमदान में विभिन्न सामाजिक संगठनों, महिला समूहों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। अभियान में हेमराज खाबिया, रमेश सोनी, सुरेश सेजपुरिया, रफत पयामी, इष्टा भाचावत, सुनीता बंडी, राखी सत्रावाला, कौशल्या त्रिवेदी, सुनीता माली, राजनारायण लाड़, विकास दशोरा, अंसार मेव, ऋषिराज लाड़ और कनिष्क सोनी सहित कई समाजसेवी उपस्थित रहे।
लगातार 128 दिनों से बिना रुके चल रहा यह अभियान अब केवल सफाई कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि जनभागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का एक सफल मॉडल बनता जा रहा है। श्रमदानियों के समर्पण और नागरिकों के सहयोग से शिवना नदी के तटों पर स्वच्छता और सुंदरता लौटती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोग भी इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल मान रहे हैं।
शिवना शुद्धिकरण अभियान यह संदेश दे रहा है कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर किसी लक्ष्य के लिए कार्य करें, तो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण सुधार की दिशा में उल्लेखनीय बदलाव संभव है।
