इस आयोजन की पहल भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने की। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं, किसानों और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या जुटने लगी थी। धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को याद किया गया।
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण किसानों के अनाज से तैयार की गई रंगोली रही। इस रंगोली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाया गया। रंगोली के निर्माण में विभिन्न प्रकार के अनाज का उपयोग किया गया, जो देश के अन्नदाताओं के सम्मान और कृषि क्षेत्र के महत्व को भी प्रदर्शित करता है। उपस्थित लोगों ने इस अनूठी कलाकृति की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री और किसानों के बीच मजबूत संबंध का प्रतीक बताया।
कार्यक्रम के दौरान सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने देश की प्रगति, समृद्धि और विकास के लिए भी प्रार्थना की।
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा उपलब्ध कराए गए अनाज से रंगोली बनाकर अन्नदाता वर्ग की भावनाओं को भी सम्मान दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करना और जनभागीदारी के माध्यम से उनके योगदान को याद करना था।
उधर, भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने नेहरू नगर स्थित करुणाधाम आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, जिला अध्यक्ष रविंद्र यति, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धार्मिक आस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ आयोजित यह कार्यक्रम भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जनसंपर्क अभियान भी साबित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
