नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 16,अप्रैल,2026 (हिन्द संतरी ) भारत सरकार की महिला सशक्तिकरण संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्ययन दौरे (Study Visit) के अंतर्गत मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने हैदराबाद में विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। इस महत्वपूर्ण दौरे का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और संस्थागत उत्थान के लिए जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की समीक्षा करना और उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।
कार्यस्थल पर सुरक्षा और विशाखा गाइडलाइंस के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए बैठक के दौरान सांसद श्रीमती नारोलिया ने महिलाओं के लिए कार्यस्थल को सुरक्षित बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने ‘कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013’ के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संस्थान की उन्नति तभी संभव है जब वहां काम करने वाली महिलाएं सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें।
CSR और वित्तीय समावेशन के साझा प्रयासों से बदलेगी तस्वीर,राज्यसभा सांसद ने बैठक में उपस्थित SAIL, NMDC, NTPC, PGCIL, और REC जैसे महारत्न एवं नवरत्न कंपनियों के अधिकारियों से संवाद करते हुए आह्वान किया कि वे अपने ‘कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (CSR) फंड का एक बड़ा हिस्सा महिला केंद्रित कौशल विकास और उद्यमिता पर खर्च करें। साथ ही, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), PNB, बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक जैसे प्रमुख बैंकों के साथ चर्चा में उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए ऋण प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने पर जोर दिया।
सांसद माया नारोलिया ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं से प्रत्यक्ष भेंट कर उनके अनुभवों को सुना। उन्होंने समूहों द्वारा बनाए जा रहे उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा की। सांसद ने कहा, “हमारी ग्रामीण और शहरी महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से न केवल अपना घर चला रही हैं, बल्कि देश की जीडीपी में भी योगदान दे रही हैं। उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन कर उन्हें मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है।”
इस अध्ययन भ्रमण को मील का पत्थर बताते हुए श्रीमती नारोलिया ने विश्वास व्यक्त किया कि इन बैठकों से निकले निष्कर्षों और सुझावों को आगामी संसदीय रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा, जिससे भविष्य में महिलाओं के लिए अधिक समावेशी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।
