नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 06,अक्टूबर,2026(हिन्द संतरी ) जन-जन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने तथा नेत्र संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में विशाल नेत्र रोग जांच एवं निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय सहित बनखेड़ी, पिपरिया, सोहागपुर एवं सुखतवा में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर नेत्र परीक्षण कराया।
जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में 9 स्थानों पर आयोजित नेत्र शिविरों में कुल 2225 नागरिकों की नेत्र जांच की गई। जांच के दौरान 80 संभावित मोतियाबिंद मरीज चिन्हित किए गए, जिनका निःशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा। वहीं 576 नागरिकों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।
जिला अस्पताल नर्मदापुरम में आयोजित शिविर का शुभारंभ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, नगर पालिका अध्यक्ष नीतू यादव, जनपद अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, सांसद प्रतिनिधि अभिलाष दुबे, सभापति उमेश यादव, प्रसन्न हर्णे, गजेंद्र चौहान, अर्पित मालवीय, रोहित गोर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरसिंह गेहलोत, सिविल सर्जन डॉ. सुनीता कामले, जिला आयुष अधिकारी डॉ. श्रीराम करोंजिया, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा गौर एवं आरएमओ डॉ. गजेंद्र यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. राजेश माहेश्वरी ने किया।
कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए और शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नागरिकों की नेत्र जांच, दृष्टि परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया। जिन हितग्राहियों को चश्मे की आवश्यकता पाई गई, उन्हें निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को आगे की जांच एवं उपचार के लिए भी मार्गदर्शन दिया गया।
इस अवसर पर नागरिकों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए नियमित रूप से आंखों की जांच कराने तथा नेत्र संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने की अपील की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलती है। विशेष रूप से ऐसे नागरिकों को इन शिविरों का लाभ मिलता है, जिन्हें समय पर नेत्र जांच एवं चश्मे की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती।
