नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 16 अगस्त 2026 (हिन्द संतरी ) मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में चल रहे सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक नागद्वारी मेले में आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व सैलाब देखने को मिल रहा है। ‘मध्य प्रदेश के अमरनाथ’ के रूप में विख्यात इस पावन और दुर्गम यात्रा में अब तक लगभग 5 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा नागराज और वासुकी महादेव के दर्शन कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं। मेले में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और आज ही लगभग 1 लाख नए श्रद्धालुओं ने इस कठिन और पवित्र यात्रा की ओर अपने कदम बढ़ाए हैं, जिससे समूचा मेला क्षेत्र ‘बम-बम भोले’ और ‘जय नागदेव’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा एवं एसपी साई कृष्ण एस थोटा ने रविवार को पचमढ़ी पहुंचकर व्यवस्थाओं की कमान संभाली। चूंकि मेला शुरू होने के साथ ही अगस्त क्रांति के तहत 8 अगस्त से 15 अगस्त तक राष्ट्रीय पर्व को धूमधाम से मनाने की ज़िम्मेदारी भी उन्होने पूरी कर मेले से एक मिनिट के लिए भी ध्यान नहीं हटकर चुस्त-दुरुस्त होने का परिचया दिया।

कलेक्टर के निर्देशन में प्रशासनिक टीम की चाक-चौबंद व्यवस्थाएं
नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा के कड़े और सीधे निर्देशन में जिला प्रशासन की पूरी टीम इस भव्य मेले को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए दिन-रात मुस्तैद है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हिमांशु जैन के मार्गदर्शन और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) आकिप खान की जमीनी प्रशासनिक देखरेख में समूची जिला टीम ग्राउंड जीरो पर मोर्चा संभाले हुए है। संपूर्ण मेला क्षेत्र को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर हर कोने पर अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा है कि”श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरी प्रशासनिक टीम, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहे। कलेक्टर द्वारा बारिश को देखते हुए पहाड़ी रास्तों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।”

नागद्वार मेले में स्वास्थ्य टीम की त्वरित एवं समन्वित चिकित्सा से गंभीर श्रद्धालु को मिला जीवनदान
पचमढ़ी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए 24 घंटे सुदृढ़ चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसी व्यवस्था के तहत 14 अगस्त को नागपुर निवासी 56 वर्षीय श्री गजानंद सिंधे को गंभीर एवं अचेत अवस्था में मेला चिकित्सा शिविर लाया गया। मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर होने पर स्वास्थ्य टीम ने तत्काल जीवनरक्षक उपचार प्रारंभ किया और निरंतर निगरानी के साथ एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पचमढ़ी भेजा। सीएचसी पचमढ़ी के चिकित्सकीय एवं नर्सिंग दल ने तत्परता से उपचार करते हुए मरीज को सफलतापूर्वक रीवाइव किया तथा उसकी स्थिति स्थिर की। स्वास्थ्य में सुधार एवं जीवनरक्षक संकेत स्थिर होने के बाद मरीज को विशेषज्ञ उपचार एवं आगे की जांच के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। मेला समिति की स्वास्थ्य टीम की त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय एवं समर्पित सेवाओं से गंभीर श्रद्धालु को समय पर उपचार मिल सका।

प्रशासन ने पचमढ़ी पहुंचने और वहां से मेला क्षेत्र तक जाने वाले सभी प्रमुख परिवहन रूट्स पर बसों और छोटे वाहनों के लिए सुव्यवस्थित ट्रैफिक प्लान लागू किया है, ताकि कहीं भी जाम की स्थिति न बने। सतपुड़ा की पहाड़ियों में लगातार बदलते मौसम और रिमझिम बारिश के बीच श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हो रहा है, हालांकि प्रशासन ने फिसलन वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही, सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जगह-जगह निशुल्क भोजन-भंडारे और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है, जहाँ भूखे भक्तों को गर्म और ताजा भोजन निरंतर परोसा जा रहा है।
महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु रमेश पाटिल ने बताया, “रास्ते कठिन जरूर हैं, लेकिन जगह-जगह प्रशासन की ओर से की गई स्वास्थ्य, शुद्ध पेयजल और भंडारे की व्यवस्थाओं ने यात्रा को बहुत आसान और सुखद बना दिया है।”
