नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 04,जुलाई,2026(हिन्द संतरी) उपसंचालक कृषि रविकांत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में जिले में यूरिया, एनपीके, टीएसपी एवं अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा उर्वरकों की किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले को पिपरिया रैक प्वाइंट पर शीघ्र ही लगभग 6,000 मीट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने वाला है, जिससे आगामी दिनों में भी उर्वरकों की उपलब्धता और सुदृढ़ होगी। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में अब तक जिले को 31,686 मीट्रिक टन यूरिया, 9,988 मीट्रिक टन टीएसपी तथा 17,221 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 20,555 मीट्रिक टन यूरिया, 7,341 मीट्रिक टन टीएसपी तथा 5,894 मीट्रिक टन एनपीके का वितरण किसानों को किया जा चुका है।
उपसंचालक कृषि श्री सिंह ने बताया कि जिले के डबल लॉक केंद्रों पर वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। नर्मदापुरम में 1,245 मीट्रिक टन यूरिया, 37 मीट्रिक टन टीएसपी एवं 116 मीट्रिक टन डीएपी, इटारसी में 420 मीट्रिक टन यूरिया, 41 मीट्रिक टन टीएसपी एवं 41 मीट्रिक टन डीएपी, माखननगर में 245 मीट्रिक टन यूरिया एवं 112 मीट्रिक टन टीएसपी, सेमरीहरचंद में 539 मीट्रिक टन यूरिया, 18 मीट्रिक टन टीएसपी एवं 18 मीट्रिक टन डीएपी, बानापुरा में 2,003 मीट्रिक टन यूरिया, 6 मीट्रिक टन टीएसपी एवं 137 मीट्रिक टन डीएपी तथा पिपरिया में 1,324 मीट्रिक टन यूरिया, 4 मीट्रिक टन टीएसपी एवं 340 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त सभी डबल लॉक केंद्रों पर 4,730 मीट्रिक टन एनपीके उर्वरक का भी भंडारण है।
श्री सिंह ने बताया कि जिले की सहकारी समितियों में लगभग 2,600 मीट्रिक टन यूरिया, 825 मीट्रिक टन डीएपी एवं टीएसपी तथा 2,838 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। वहीं निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास भी यूरिया, एनपीके एवं एसएसपी उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उपसंचालक कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे शासन के निर्देशानुसार ई-विकास पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल एवं खेत की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरकों की बुकिंग कर चयनित विक्रेता से उर्वरक प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उर्वरक विक्रय करता है अथवा कोई अनधिकृत व्यक्ति उर्वरकों का अवैध भंडारण कर कालाबाजारी करता हुआ पाया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को दें, ताकि संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
