नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 05,मई,2026/ कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क एवं अन्य दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों में पीड़ितों को राहत राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए त्वरित कार्यवाही करें और पीड़ितों तक समय पर सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए संकट की घड़ी में प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल राहत प्रदान की जाए। बैठक में कलेक्टर ने निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संपादित करें।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन की विभागवार समीक्षा करते हुए समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि नॉन-अटेंडेड शिकायतों की संख्या शून्य रखना सुनिश्चित करें। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों को अन अटेंडेड रखने पर विभिन्न अधिकारियों को जुर्माने जमा किए जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान सहायक यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सोहागपुर यतेंद्र छारी, सीईओ माखननगर रंजीत ताराम, सीईओ केसला सुमन खातरकर, सीईओ पिपरिया प्रबल अरजरिया, एसएडीओ सोहागपुर एसके बर्दे, सीएमओ इटारसी ऋतु मेहरा को 500 रुपए प्रति शिकायत के अनुसार राशि को रेड क्रॉस सोसायटी (सहायता कोश) में जमा किए जाने के निर्देश दिए। जिससे भविष्य में जरूरतमंद नागरिकों को सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी शिकायतों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर जवाब दर्ज किया जाए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के संतुष्टिपूर्वक निराकरण पर प्रारंभिक सप्ताह से ही विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए, ताकि अनावश्यक लंबित प्रकरणों से बचा जा सके। साथ ही कलेक्टर ने प्रदेश स्तर पर होने वाली रैंकिंग एवं विभागीय ग्रेडिंग में निरंतर सुधार बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपनी ग्रेडिंग ‘ए’ से कम न होने दे और इसके लिए सतत प्रयास करते रहें। बैठक में कलेक्टर ने 1000 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कलेक्टर कार्यालय द्वारा चिन्हित सभी समय-सीमा प्रकरणों का सात दिवस के भीतर निराकरण किया जाए अथवा उनमें उचित कम्प्लायंस दर्ज किया जाना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है, उनके संबंध में संबंधित प्रभारी अधिकारी को तत्काल सूचित किया जाए तथा उन्हें चरणबद्ध तरीके से बंद कराया जाए, ताकि लंबित प्रकरणों की सूची को अद्यतन रखा जा सके। बैठक में कलेक्टर ने सीएम एवं सीएस मॉनिट वाले प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य स्तर पर समन्वय स्थापित कर अद्यतन सूची तैयार की जाए।
समय-सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने जिले में संचालित गेहूं उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यकतानुसार केंद्रों पर संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि किसी भी उपार्जन केंद्र पर ट्रैक्टरों की लंबी कतार न लगे, इसके लिए समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने तौल कांटों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, ताकि खरीदी प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि सभी केंद्रों पर छांव की समुचित व्यवस्था रहे। साथ ही किसानों, हम्मालों एवं उपार्जन कार्य में लगे कर्मचारियों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने खरीदी कार्य को गति देने के लिए हम्मालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों में उपार्जन प्रक्रिया की सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि व्यवस्थाएं सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हों, यह सुनिश्चित किया जाए।
समय सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर ने यह निर्देश दिये की जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण हो चुकी योजनाओं को शीघ्र ही पंचायत को हस्तांतरित किया जाए। उसी के साथ उन्होंने यह निर्देश भी दिए की ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए एमपी भी जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए यंत्रों के कनेक्शन ना काटे। साथ ही नल जल योजना के तहत क्षतिग्रस्त हुई सड़क के रेस्टोरेशन के संबंध में भी संबंधित निर्माण विभागों को सभी क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की जानकारी तैयार कर पीएचई विभाग को उपलब्ध किए जाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया के लिए सीएमओ नर्मदा पुरम द्वारा साप्ताहिक कैंप लगाए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा प्रति सप्ताह अद्यतन जानकारी से अवगत कराया जाए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए अभियान अवधि में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान एडीएम अनिल जैन, अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत, संयुक्त कलेक्टर एवं सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह, डिप्टी कलेक्टर डॉ बबीता राठौर, श्रीमती सरोज परिहार, श्रीमती नीता कोरी सहित अन्य जिला अधिकारी गण उपस्थित रहे।
