नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 06,जून,2026 (हिन्द संतरी ) सभी नगरीय निकाय, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायते अपनी आय बढ़ाने के नए-नए साधन विकसित करें। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले वित्तीय पोषण मद का समुचित उपयोग पूर्णत; सावधानी एवं गुणवत्ता से करें। साथ ही यह देखें की वितीय पोषण मद का उपयोग समुचित रूप से हो रहा है कि नहीं। इस मामले में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। सारे कार्य पारदर्शी तरीके से किए जाएं, अन्यथा सभी वित्तीय मदद बेकार हो जाती है। निकाय किए जा रहे कार्यों का नवाचार अनिवार्य रूप से करें। उक्त निर्देश छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने शनिवार को आयोजित 6 वे राज्य वित्त आयोग की बैठक में दिए। नर्मदापुरम के आयुक्त सभा कक्ष मैं आयोजित बैठक में राज्य वित्त आयोग के सदस्य के के सिंह, उप सचिव अश्वनी कुमार परिहार, सदस्य सचिव वीरेंद्र कुमार, नर्मदापुरम संभाग के संभाग आयुक्त श्रीकांत बनोठ, कलेक्टर नर्मदापुरम सोमेश मिश्रा, कलेक्टर बैतूल सौरभ संजय सोनवणे, हरदा बैतूल एवं नर्मदापुरम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सभी नगर पालिका अधिकारी गण एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
श्री पवैया ने बताया कि राज्य वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है, सभी नगरीय निकायों को विकास कार्यों के लिए केंद्रीय वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग से धनराशि दी जाती है। केंद्रीय वित्त आयोग की सलाह पर राज्य वित्त आयोग भी धनराशि प्रदान करता है, इसके अलावा सभी निकायों का यह प्रमुख दायित्व है कि वह अपना स्वयं का राजस्व जनरेट करें, उन्होंने निर्देश दिए की संपत्ति कर, जल कर में शत प्रतिशत राजस्व की वसूली की जाए। साथ ही नये पार्किंग स्थलो के लिए स्थान चिन्हित कर पार्किंग शुल्क निर्धारित की जाए जनपद पंचायतें अपनी संचालित दुकानों का पुराना किराया रिवाइज करते हुए नई दर से फिर से किराया निर्धारित करें। नर्मदापुरम जिला पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है, अतः पर्यटन के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित करते हुए अतिरिक्त स्ट्रक्चर बनाते हुए पर्यटन के क्षेत्र में भी राजस्व जनरेट किया जाए, जलकर और संपत्ति कर प्राथमिकता से वसूल किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए की जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय आय के नए-नए स्रोतों की तलाश करें, लगने वाले मेले एवं है हाट बाजारो से भी राजस्व संग्रहण किया जाए।
बैठक में निर्देश दिए गए की सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि जिन पंचायतो की आर्थिक स्थिति अच्छी है वहां सोलर एनर्जी और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करे। स्वालंबन की दिशा में पहल की जाए, गांव के नालों में हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाया जाए, सभी पंचायतें पौधारोपण का कार्य एक अभियान के रूप में प्रारंभ करें। बिना नियोजन के और बिना प्लानिंग के यदि ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय खर्च करती रही तो निकाय एवं ग्राम पंचायत का विकास संभव नहीं हो पाएगा, अतः सभी नियोजन पूरी सावधानी से किए जाएं। ग्रामों में मेले एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा हाट बाजार लगाकर आय के नये साधन बढ़ाए जाएं, लेकिन इसके लिए विरासत में मिली चीजों को ना छोड़ा जाए, आय में बढ़ोतरी के लिए नए-नए स्रोतों की तलाश की जाए।
संभाग आयुक्त श्री श्रीकांत बनोठ ने कहा कि केंद्रीय वित्त आयोग की मंशा एवं शर्तों के अनुसार ही सभी नगरीय निकाय कार्य करें साथ जो ऑडिट शेष है उन चीजों की ऑडिट सभी निकाय अनिवार्य रूप से करा ले। संभाग आयुक्त ने कहां की वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्र में हाउस टैक्स जितना लिया जाएगा उसका 5% बढ़ाते हुए शहरी क्षेत्र में हाउस टैक्स संग्रहण करना होगा। वर्तमान में सभी जनपद पंचायत की सालाना आय दो से तीन लाख है जिसे इस वर्ष हर हाल में बढ़ाना होगा। उन्होंने सभी नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह संपत्ति कर में दावा एवं आपत्ति प्राथमिकता से प्राप्त करे। इसके अलावा जलकर की राशि में भी आवश्यक शुल्क निर्धारित करते हुए दुकानों के किराए में भी किराया रिवाइज करें। नए पार्किंग स्थल चिन्हित कर पार्किंग शुल्क अधिरोपित करें।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि पचमढ़ी में साल भर पर्यटक आते हैं, यहां पर अतिरिक्त डेवलपमेंट के कार्य कर पर्यटकों को फैसिलिटी उपलब्ध कराकर पर्यटन के माध्यम से आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। पचमढ़ी उत्सव के दौरान भी कुछ विशेष कार्य योजना बनाकर साडा के सहयोग से अतिरिक्त आय जनरेट की जाएगी। बैतूल कलेक्टर ने बताया कि कुकरु खामला के पर्यटन स्थल को विकसित कर आय के साधन बढाये जाएंगे। बताया गया कि हरदा में लोक अदालत, नर्मदा पुर में राम जी बाबा मेला से निकायों की आय मैं बढ़ोतरी हुई है।
आयोग के सदस्य श्री के के सिंह ने बताया कि ढाई महीने पहले छटवा राज्य वित्त आयोग अस्तित्व में आया है, केंद्रीय वित्त आयोग से ग्रामीण निकायों के लिए मध्य प्रदेश को साढे ₹32000 करोड रुपए एवं नगरी निकायों को 16000 करोड रुपए मिलने की संभावना है, लेकिन इसके लिए केंद्रीय वित्त आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी निकाय अपने 2025 –26 का ऑडिट अनिवार्य रूप से कराएंगे साथ ही सोर्स आफ इनकम भी बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य राजस्व जेनरेट करना एवं ऑडिट क्लियर कराना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से जो ग्रांट मिलना है उसके लिए सभी निकाय केंद्रीय वित्त आयोग अनुसार कार्य संपादित करें। सदस्य सचिव श्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि सभी निकायों का अकाउंटिंग परफेक्ट होना चाहिए, ऑडिट भी क्लियर होनी चाहिए तभी केंद्र सरकार से ग्राड मिलने की संभावना बनी रहेगी। उन्होंने कहां की सभी निकाय प्राप्त बजट कहां खर्च करना है उसका स्टैटिक प्लान अनिवार्य रूप से बनाएं, आय बढ़ाने के लिए दूसरे विभाग से भी सुझाव आमंत्रित करें। शासन से प्राप्त राशि का सभी ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय सदुपयोग करें।
