नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 13,जून,2026(हिन्द संतरी ) क्लबफुट मुक्त बचपन की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल बदुके ने कहा, “समय पर उपचार और निरंतर फॉलो-अप से बच्चे का क्लबफुट पूरी तरह से ठीक हो सकता है।” जिला शीघ्र हस्तक्षेप संस्था ने बताया कि आरबीएसके दल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में क्लबफुट बच्चों की पहचान कर जिला अस्पताल रेफर किया जाता है। आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को भी पहचान व रेफरल के लिए प्रशिक्षित किया गया है। माता-पिता की नियमित काउंसलिंग से उपचार और फॉलो-अप सुनिश्चित किया जा रहा है। क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है जिसमें बच्चे के पैर जन्म के समय अंदर की ओर मुड़े होते हैं। यह लगभग हर 800 नवजात शिशुओं में से 1 को प्रभावित करती है। समय पर उपचार मिलने पर क्लबफुट वाले बच्चे सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।
जिला अस्पताल नर्मदापुरम में क्लबफुट के लिए साप्ताहिक क्लिनिक संचालित है। वर्तमान में 35 बच्चे उपचार ले रहे हैं। इन्हें विशेष प्रकार के जूते भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आरबीएसके के तहत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में समय पर पहचान व उपचार की सुविधा दी जा रही है। एसबी आई फाउंडेशन के सहयोग से एवं अनुष्का फाउंडेशन फार एलिमिनेटिंग क्लबफुट द्वारा जिला अस्पताल में गुणवत्तापूर्ण उपचार दिया जा रहा है। प्रशिक्षित डॉ. अनिल बदुके उपयुक्त विधि से उपचार कर रहे हैं। अनुष्का फाउंडेशन के अभिषेक रैकवार व्यवस्थित फॉलो-अप प्रणाली को मजबूत कर रहे हैं।
कार्यक्रम में डॉ. अनिल बदुके के साथ डॉ. आर.सी. प्रजापति, ट्रामा इंचार्ज, OT टेक्निशियन सुयार सिंह खपरे, प्लास्टर टेक्निशियन कृष्णा झरबड़े, फिजियोथैरेपिस्ट अपेक्षा कानूनगो व डीई आई सी नर्सिंग ऑफिसर मोनिका दास उपस्थित रहे।
