
नर्मदापुरम 8 जनवरी 2026 (हिन्द संतरी) जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा सोहागपुर की समितियों में कर्मचारियों ने 8 करोड़ रूपये का भ्रष्टाचार-घोटाला, गबन किया है जिससे बचने के लिए खुलेआम सौदा चलता है इसी कड़ी में बैंक के प्रबंधक दिनेशचंद दुबे उर्फ़ बबला दुबे को लोकायुक्त टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है जो उनके ही अधीनस्थ आदिम जाति सहकारी समिति सोहागपुर के सहायक समिति प्रबंधक कैलाश कुशवाहा से हम्मालों के वेतन भुगतान के बदले कमिशन के रूप में प्राप्त कर रहे थे।
लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार कैलाश कुशवाहा ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी किबैंक प्रबंधक उनसे रिश्वत मांग रहे है जिसपर गुरुवार शाम जब आरोपी दिनेशचंद दुबे कैलाश कुशवाहा से रिश्वत ले रहे थे तब हमने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। उनके हाथ धुलवाए तो वह गुलाबी हो गए।
देखा जाए तो कैलाश कुशवाहा आदिम जाति सहकारी समिति मर्यादित सोहागपुर में पूर्व में राशन दुकान पर काम करता था और तब उस समिति के तत्कालीन प्रबधंक को भ्रष्टाचार में हटाये जाने के रिश्वत देकर कैलाश कुशवाहा समिति का सर्वेसर्वा हो गया। पूर्व में करनपुर समिति के दो सहायक संजय किरार और रघुवंशी द्वारा किसानों के नाम के फर्जी ऋण लिए जाने पर निलंबित किया गया था उन्हें शाखा प्रबंधक ने लेदेके उनका निलंबन समाप्त कर सेवा में ले लिया गया ।
भ्रष्टाचार की बात कही जाए तो सोहागपुर की इस जिला बैंक शाखा की समितियों में खपरिया समिति प्रबंधक पर 37 लाख 94 हजार 613 रूपये, 42 लाख 17 हजार 591 रूपये, नवलगाँव समिति प्रबंधक पर 93 लाख 31 हजार 978 रूपये एवं 69 लाख17हजार 236 रूपये सहित टेकापार समिति प्रबंधक पर 4 लाख 93 हजार रूपये पीडीएस, रासायनिक खाद समर्थन मूल्य साख सीमा खरीदी आदि में भ्रष्टाचार को दोषी पाते हुए उक्त राशि एक महीने में 14 प्रतिशत ब्याज दर के साथ जमा करने के न्यायालयीन आदेश के बाद उक्त राशि जमा न कर प्रबंधकों द्वारा आदेशों के विरुद्ध अपील की गई है ।
चूँकि खरीदी समय प्रासंगिक व्यय राशि आदि में समितियों के द्वारा प्रस्तुत बिलों में बड़ा झोला देखा जाता है और खरीदी उपरांत उन्हें समय पर कमीशन नही मिलने के बाद खरीदी के मिलान हेतु परेशान किया जाता है जिससे वे समय पर मिलान के बाद कमीशन भुगतान सहित अन्य भुगतान प्राप्त कर सके, इस हेतु उन्हें रिश्वत का सहारा लेना होता है, इसी श्रृंखला में इसी रिश्वत के चलन का दिनेशचन्द्र दुबे अपने ही कर्मचारी के शिकार हो गए और कर्मचारियों के वेतन तथा खरीदी की हम्माली के भुगतान के लिए 20 हजार रूपये की रिश्वत लेते डीएसपी बीएम द्विवेदी के नेतृत्व में कार्रवाई में जकड़ लिए गए, लोकायुक्त ने नोटों पर रंग लगा दिया था, नोट लेने के बाद उनके हाथ धोये जाने पर रंग निकलने की पुष्टि पर वे रंगे हाथ पकडे गए।
