नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम13 ,जून,2026(हिन्द संतरी ) विश्व बाल निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला टास्क फोर्स द्वारा शहर में बाल श्रम की पहचान एवं विमुक्ति के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। श्रम विभाग के नेतृत्व में पुलिस, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त दल ने बस स्टैंड, मुख्य बाजार एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों, संस्थानों और आम नागरिकों को बाल श्रम कानून के प्रावधानों से अवगत कराया। स्पष्ट किया गया कि 14 वर्ष तक के बालकों का किसी भी प्रकार के कार्य में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है। वहीं 14 से 18 वर्ष तक के किशोरों को खनन, ज्वलनशील पदार्थ, विस्फोटक और अन्य परिसंकटमय प्रक्रियाओं जैसे खतरनाक श्रेणी के कार्यों में लगाना कानूनन अपराध है।
श्रम निरीक्षक सुश्री सरिता साहू ने बताया कि किसी भी संस्थान में बालक का नियोजन तथा किशोर श्रमिकों का खतरनाक उद्योगों में नियोजन संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने चेतावनी दी कि उल्लंघन पाए जाने पर दोषी नियोजक को न्यूनतम छह माह से अधिकतम दो वर्ष तक का कारावास अथवा 20,000 रुपये से 50,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जाने का प्रावधान है।
भ्रमण के दौरान दल ने बस स्टैंड और बाजार के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर ‘बाल श्रम निषेध’ के स्टीकर चस्पा किए और पम्पलेट वितरित कर लोगों को जागरूक किया।
