नर्मदापुरम 25 ,अप्रैल,2026 (हिन्द संतरी ) जनसम्पर्क अधिकारी ने दिने के 1 बजे सूचना भेजी की 5 बजे कलेक्टर जिले के पत्रकारों से मिलेंगे? शार्ट सूचना पर सभी पत्रकार कलेक्टर की बैठक में उपस्थित नही हो सके । एक समय था जब नवोदित कलेक्टर से पत्रकारों की परिचर्चा हेतु लिखित में सूचना भेजी जाती थी, लेकिन अब व्हाट्सअप ग्रुप में दो-तीन घंटे पूर्व सूचना के बाद कलेक्टर के साथ पत्रकारों की बैठक होने से जहां जिले के सभी पत्रकार बैठक में शामिल नही हो पाते वही जो पूरे समय व्हाट्सअप की सूचनाओं से चिपका रहे उसे छोड़ जो सुबह शाम सूचनाओं को देखते है उनके लिए तो कलेक्टर के साथ बैठकों की सूचना अर्थहीन हो जाती है। चूंकि जिला जनसम्पर्क अधिकारी सूचना के साथ मोबाइल से पत्रकारों को विभागीयस्टाप द्वारा सूचना दिलवाते थे जिससे शत प्रतिशत पत्रकारों को सूचना होने पर वे बैठक में आ सकते थे, लेकिन अब वे ही पत्रकार शार्ट सूचना पर कलेक्टर से मिल पाते है जो हर घंटे व्हाट्सअप की सूचनाओं पर ध्यान देते है।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया के पत्रकार बंधुओं के साथ परिचर्चा की इसमें उनका प्रयास होना चाहिए की वे अगर जिले के पत्रकारों को बुलवा रहे है तो जिले के प्रत्येक तहसील-ब्लाक के पत्रकार को उनसे मिलने का अवसर मिलना चाहिए । जनसम्पर्क विभाग संभागीय -जिला मुख्यालय के सभी पत्रकारों को सूचना देकर आधे अधूरे पत्रकारों की उपस्थिती में बैठक कराकर अपनी ज़िम्मेदारी से मुक्त हो जाता है जबकि कलेक्टर को इस ओर ध्यान देकर अपनी पहली बैठक में किले के प्रत्येक पत्रकार को शामिल कर उनका आत्मसम्मान भी जीवित रखना चाहिए जो पिछले चार-पाँच कलेक्टर इसे कायम नहीं रख सके।
जिले के पत्रकारों के हित में उचित होगा की कलेक्टर जहा उनकी अहमियत है ओर साल में त्रेमासिक बैठकों में उन्हे बुलाकर सुदूर क्षेत्रों में प्रशासन की कमियों ओर उपलब्धियों की सही स्थिति जान सके वही क्षेत्र की व जनता के समक्ष समस्याओ आदि का भी परिदृश्य उनके सामने आ सके । जैसा की आज कलेक्टर ने पत्रकारों की आधी-अधूरी उपस्थिती के बीच शासन की योजनाओं को सुदूर क्षेत्रों एवं अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की मंशा जाहीर कर पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि वे बेबाकी से अपनी बात रखें। अगर प्रशासन के समक्ष जिले के सभी दूर दराज के पत्रकारों की ध्यान नही दिया जाएगा तो यह जिला या संभागीय मुख्यालय का पत्रकारो से कैसे संभव हो सकेगा?
जब तक कलेक्टर से भविष्य में चर्चा हेतु शार्ट सूचना ओर बैठक बुलानी भी हो तो उन्हे विधिवत मोबाइल से सूचना देकर संपर्क से ही यह संभव हो सकेगा अन्यथा जिले के दूर दराज के पत्रकार ओर कलेक्टर के बीच दूरिया रहेंगी ओर वे मोबाइल से ही संपर्क कर पाएंगे जो सभी पत्रकारों के लिए संभव नहीं होगा ।
