नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 10,जुलाई,2026 (हिन्द संतरी ) राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में संचालित प्रयास लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। विकासखंड बाबई के ग्राम गनेरा निवासी टमू केवट इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं, जिन्होंने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाया है। टमू केवट वर्ष 2018 में याशिका स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने से पहले वे मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत समूह को प्राप्त रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) एवं बैंक ऋण की सहायता से उन्होंने गल्ला खरीदी एवं सिलाई कार्य प्रारंभ किया।
इस व्यवसाय से उनकी व्यक्तिगत मासिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में उनकी व्यक्तिगत मासिक आय लगभग 16 से 19 हजार रुपये तथा परिवार की मासिक आय लगभग 28,500 रुपये तक पहुंच गई है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। टमू केवट ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला और आज वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उनकी सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार, वित्तीय सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
