नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 09 सितम्बर 2026 (हिन्द संतरी) जिला सहकारी बैंक चार साल से विदिशा में पदस्थ मुख्यकार्यपालन अधिकारी विनयप्रकाश सिंह को अतिरिक्त प्रभार देकर किसानों के हितों के साथ कुठराघात किए है जिससे हरदा जिला सहित नर्मदापुरम की समितियों बंद होने के कगार पर है किन्तु जिले की समितियों मे 100 करोड़ से अधिक के गबन धोखाधड़ी एवं आर्थिक अनिमितताओं के मामले वसूली हेतु सहकारिता के अधिकारियों की मेहरवानी से उठा बैठक लगा रहे है जिसमें अगर बड़े मामले देखे तो पुरानी इटारसी शाखा की सेवा सहकारी समिति मर्यादित गौचीतरौदा के सहायक समिति प्रबन्धक सुरेश साहू आयु आत्मज श्री बदामीलाल साहू ने वर्ष 2013 से वर्ष 2017तक समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में 5 करोड़ रुपए का घोटाला के बाद उन्हे निलंबित किया गया ओर बाद में उपायुक्त ने वसूली आदेश के बाद राशि जमा कराये बिना उसका निलंबन समाप्त कर एक बड़े भ्रष्टाचार को जन्म दिया है ओर कलेक्टर बैंक का प्रशासक होते हुए गबन की राशि की वसूली की बजाय संरक्षण दे रहे है।
सहकारी संस्था गौंचीतारोंदा में वर्ष 2012-13 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू की गई तब तत्कालीन समिति प्रबन्धक सुरेश साहू ने 2 करोड़ 98 लाख 46 हजार 750 रुपए एसजी आर्थिक अनिमित्ता को अंजाम दिया जिसके आडिट उपरांत उपपंजीयक कोर्ट ने 14 प्रातिशत वसूली के आदेश किए जिसपर साहू प्रथम अपील में सयुंक्त आयुक्त सहकारिता के यहा गया जहा उसकी अपील निरस्त कर निम्न न्यायालय के आदेश को यथावत रख राशि जमा करने के आदेश का पालन नही हो सका। उक्त समिति में सहायक प्रबन्धक साहू को दुबारा वर्ष 2014-15 2015-16 में समर्थन मूल्य खरीदी दी गई तब जांच के अभिलेखों में अकेक्षण वर्ष 2014-15 2015-16 संस्था अभिलेखों व अंकेक्षण प्रतिवेदन से 1 करोड़ 81 लाख 94 हजार की अनियमितताये प्रगट होने तथा वर्ष 2016 में 17 लाख घोटाला करने पर उक्त को निलंबित किया गया । सुरेश साहू के खिलाफ निर्णय आने ओर उक्त राशि 14 प्रतिशत व्याज दर से जमा करने पर उक्त निर्णय के खिलाफ वह जेआर कोर्ट में अपील प्रकरण कमांक/E/DRD/HBD/64/19/90063 जिसका निर्णय दिनांक 8/2/2016 में उक्त राशि ब्याज सहित जमा न करने पर उसकी चल अचल संपत्ति से वसूलने का पालन नही किया गया। उधर समिति की हालत दयनीय है जो इतनी राशि का घोटाला सहकर किसानों को न तो समय पर बीज उपलब्च करा पा रही है ओर न ही खाद ही नसीब हो पा रहा है पर जैसे किसानों के दर्द को यहा के नेता भूल चुके है इसलिए वे किसानों के आंदोलन के समय भूमिगत जो हो गए थे ।
आज जिले की राजनीति सहकारी बैंक के मामले में 6 विधायक ओर 2 सांसद के होते हुए नपुसंक बनी है ओर न तो विधायक डॉ सीताशरण शर्मा चाहते है ओर न ही जिले के अन्य विधायक विजयपाल सिंह, ठाकुरदास नागवंशी, प्रेमशंकर कुंजीलाल वर्मा डॉ रंकिशोर दोगने एवं कुँवर आभिजीत शाह की बैंक प्रबंधन को लेकर कोई प्रतिक्रिया आती है ओर न ही सांसदों ने खबर ली है जबकि इस मामले में अपेक्स बैक के प्रशासक, प्रभारी मंत्री को ज्ञापन दिया जा चुका है पर नेताओं को आने क्षेत्र में किसानों को सुविधाए दिलाने के लिए समिति प्रबन्धकों पर दोहरी मार के सिवाय कोई ओर हल नही निकाला जाता है, भले वे जनता दरबार लगाकर अपने दफ्तरों मे जनता की सुन रहे है पर किसानों की समस्या को लेकर सभी कुंभकरणी नींद सो रहे है इसी का परिणाम है कि जिला सहकारी बैंक के पूर्णकालिक मुख्यकार्यपालन अधिकारी के न होने से बैंक मंगलवार ओर गुरुवार के 2 दिन विदिशा के अधिकारी के प्रभार मे होने से अनेक बार वे उपस्थित नही होते तब फाइलें विदिशा भेजी जाती है किन्तु यह शर्मनाक होने के बाद सहकारिता के अधिकारी मौज कर कर रहे है, समितिओ में 2 दशकों से समितियों में चल रहे गबन धोखाधड़ी या कलेक्टर के समक्ष आरविटेशन के मामले सब एक प्रक्रिया का अंग है जो सहकारिता के हित में नहीं। हाँ अगर अभी बैंक में संचालकों के चुनाव घोषित हो जाये तो ये मौजूदा विधायक सांसद कि बात छोड़िए जो मृतप्राय नेता भी होंगे वे जीवित होकर बैंक कि कायाकल्प सुधारने कि बात करेंगे ।
