नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम28 जुलाई 2026 (हिन्द संतरी ) भारतीय जनता पार्टी की नर्मदापुरम जिलाध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने वर्तमान राजनीतिक एवं सामाजिक परिदृश्य में सार्वजनिक संवाद की भाषा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सभी राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण एवं संवैधानिक भूमिका होती है। सरकार की नीतियों का समर्थन या विरोध करना प्रत्येक राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में सार्वजनिक बयान, सोशल मीडिया पोस्ट, कमेंट, लाइव चर्चा या राजनीतिक मंचों से की जाने वाली टिप्पणियों में अशोभनीय, अपमानजनक अथवा व्यक्तिगत भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक संस्कृति को कमजोर करता है।
प्रीति शुक्ला ने कहा कि राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत वैमनस्य का रूप देना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। विचारों का संघर्ष लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन शब्दों का संयम लोकतंत्र की गरिमा है। राजनीतिक संवाद तथ्यों, तर्कों और जनहित के मुद्दों पर आधारित होना चाहिए, न कि कटाक्ष, आरोप-प्रत्यारोप और अभद्र भाषा पर।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया आज जनमत निर्माण का प्रभावशाली माध्यम बन चुका है। ऐसे में प्रत्येक जनप्रतिनिधि, राजनीतिक कार्यकर्ता और जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कोई भी पोस्ट साझा करते समय अथवा किसी पोस्ट पर टिप्पणी करते समय भाषा की मर्यादा का पालन करे। विपक्ष का विरोध हो या राजनीतिक आलोचना, अभिव्यक्ति लोकतांत्रिक होनी चाहिए, न कि मर्यादाओं का उल्लंघन करने वाली।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा सकारात्मक राजनीति, लोकतांत्रिक संवाद, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की पक्षधर रही है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चुनाव तक सीमित रहनी चाहिए, जबकि सामाजिक सद्भाव, पारस्परिक सम्मान और विकास के मुद्दों पर सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसी भाषा और व्यवहार अपनाएं जो लोकतंत्र को मजबूत करे, समाज को जोड़े और आने वाली पीढ़ी के सामने स्वस्थ राजनीतिक संस्कृति का उदाहरण प्रस्तुत करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति आवश्यक है, लेकिन मर्यादा उससे भी अधिक आवश्यक है।
