नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 07,अगस्त,2026 (हिन्द संतरी ) आज से अमरनाथ कहे जाने वाली नागद्वारी यात्रा का शुभारंभ होगा। साथ ही 8 अगस्त से 17 अगस्त की अवधि तक 10 दिवसीय भव्य नागद्वारी मेले का आयोजन भी नर्मदापुरम जिला प्रशासन के तत्वाधान में किया जाएगा। मेले की समस्त तैयारी पूरी कर ली गई है तथा ड्यूटी में संलग्न समस्त अधिकारी भी ड्यूटी स्थल पर पहुंच चुके हैं। इस वर्ष नागद्वारी मेले का आयोजन ग्रीन एवं प्लास्टिक मुक्त मेले की थीम पर किया जा रहा है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मेले में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की सघन जांच की जाए तथा प्लास्टिक की बोतलों एवं अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। जांच स्थल पर यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहनों में कितनी प्लास्टिक की बोतलें मेले के भीतर ले जाई जा रही हैं, तथा कोई भी पर्यटक पचमढ़ी क्षेत्र में प्लास्टिक की बोतलें छोड़कर न जाए और पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरा हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सभी वाहनों पर समान रूप से लागू होगी, चाहे वे अधिकारियों के ही वाहन क्यों न हों।
कलेक्टर ने कहा कि मेला समिति श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करे, जिससे दर्शन एवं यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि इस वर्ष नागद्वारी मेले का आयोजन ग्रीन मेले की थीम पर किया जाए तथा इसे पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रभावी एवं व्यवहारिक कदम उठाए जाएं। कलेक्टर ने मेले के दौरान स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि कचरे के संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
श्रद्धालुओं को स्वच्छता के प्रति निरंतर जागरूक एवं प्रेरित किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मेले में ड्यूटी पर तैनात विभिन्न विभाग अपने-अपने स्तर पर डस्टबिन स्थापित करें, ताकि कचरा इधर-उधर फैलने से रोका जा सके। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मेले में श्रद्धालुओं को कपड़े के थैले उपलब्ध कराए जाएं, जिससे प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी निर्देशित किया कि मेले के दौरान चिकित्सा दल निरंतर सक्रिय रहें तथा आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
नागद्वारी मेले की धार्मिक एवं आध्यात्मिक गरिमा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार के नशीले एवं मादक पदार्थों का विक्रय नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को सतत निगरानी एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल एवं सुव्यवस्थित मेले का आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
