नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 06,अगस्त,2026(हिन्द संतरी ) कलेक्ट्रेट के रेवा सभाकक्ष में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं किसान संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए किसानों की समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने निर्देश दिए कि सभी वेयरहाउसों में बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि उपार्जन कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जिले के सभी मूंग खरीदी केंद्रों पर प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से तुलाई कार्य अनिवार्य रूप से प्रारंभ किया जाए तथा संबंधित कर्मचारी एवं हम्माल सुबह 9:30 बजे तक केंद्रों पर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें। तुलाई प्रारंभ होने के वीडियो प्रतिदिन उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकतानुसार किसानों से सीधे दूरभाष पर भी संवाद स्थापित किया जाए।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन किसानों की 25 प्रतिशत मूंग की खरीदी हो चुकी है, उन्हें यथासंभव उसी वेयरहाउस में शेष उपज बेचने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने उपार्जन कार्य में तेजी लाने के लिए जिले में वेयरहाउस एवं मूंग खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन किसानों की स्लॉट बुकिंग की अवधि समाप्त हो गई है, वे कार्यालय उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद उनकी स्लॉट अवधि बढ़ाने की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन किसानों की मूंग खरीदी पूरी हो चुकी है, उनके बिल तत्काल तैयार किए जाएं तथा भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए। साथ ही शेष 35 प्रतिशत मूंग उपार्जन के लिए भी शीघ्र स्लॉट जारी किए जाएंगे, जिससे किसानों को अपनी शेष उपज बेचने में सुविधा मिल सके। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन वेयरहाउसों के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उनकी जांच संबंधित अनुविभागीय अधिकारी तत्काल करें। जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने यह भी कहा कि बायोमेट्रिक सत्यापन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसी भी पात्र किसान को उपार्जन प्रक्रिया में कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने भी उपार्जन व्यवस्था को और अधिक सुचारु एवं पारदर्शी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
