विरोध करने पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला
जब श्रद्धालुओं ने छेड़छाड़ का विरोध किया तो हमलावरों ने स्थिति को और हिंसक बना दिया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें 7 से 8 लोग घायल हो गए थे। घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया था।
पुलिस की कार्रवाई: मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पहले ही मुख्य आरोपी समीर खान उर्फ सम्मी सहित आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच के दौरान दो और आरोपियों मोहम्मद अली (26) और विजय (26) के नाम सामने आए, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे।
40 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
लगातार तलाश के बाद बाबूपुर चौकी पुलिस ने शनिवार को दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इलाके में तनाव और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में श्रद्धालुओं के साथ कोई अनहोनी न हो।
