जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच पुष्पेन्द्र सिंह लोधी अपने घर पर मौजूद थे, तभी उन्हें पशुशाला से तेज धुआं उठता दिखाई दिया। जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि आग तेजी से फैल चुकी थी और अंदर बंधे पशु जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों को बुलाया गया और सभी ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दो भैंसों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। वहीं चार गायें गंभीर रूप से झुलस गईं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।
Shivpuri में इस हादसे के बाद पशुपालक परिवार को करीब 2 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है, क्योंकि पशु ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले में आगजनी का प्रकरण दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। सहायक उप निरीक्षक को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग किसी तकनीकी कारण से लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था की जरूरत को उजागर कर दिया है।
