सुनवाई के दौरान ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया है कि मामले से जुड़ी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है। यह रिपोर्ट जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे मौत की परिस्थितियों और कारणों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश पड़ सकता है। ऐसे में रिपोर्ट का इंतजार जांच एजेंसी के साथ-साथ मृतका के परिजनों और आम जनता को भी है।
अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और वर्चुअल माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही में शामिल हुए। सीबीआई की ओर से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग के बाद अदालत ने पक्षों की दलीलें सुनीं। अब इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा सुनाया जाएगा।
ट्विशा शर्मा की मौत का मामला शुरुआत से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी लगातार मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और अब तक कई अहम साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा चुका है। हालांकि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अभाव में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचना अभी बाकी माना जा रहा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में बेहद अहम दस्तावेज होती है। यह रिपोर्ट न केवल मौत के कारणों की पुष्टि करती है, बल्कि जांच की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वजह है कि अदालत और जांच एजेंसी दोनों इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल मामले की अगली सुनवाई और अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की स्थिति में सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। वहीं दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच में नए खुलासे होने की भी संभावना जताई जा रही है। ट्विशा शर्मा केस प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है और हर सुनवाई के साथ लोगों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है।
