मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और आक्रामक अंदाज में खेल दिखाया। हालांकि, साउथ कोरिया ने भी जवाबी हमलों के जरिए मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाए रखा। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए, लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग के कारण कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। पहले 45 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
दूसरे हाफ की शुरुआत मेक्सिको के लिए बेहद शानदार रही। 50वें मिनट में मिडफील्डर लुईस रोमो ने मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। गुटिएरेज द्वारा दिए गए सटीक थ्रू बॉल का शानदार फायदा उठाते हुए रोमो ने गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों मेक्सिकन समर्थक खुशी से झूम उठे।
गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार आक्रमण किए। मैच के अंतिम चरण में कोरियाई खिलाड़ियों ने कई खतरनाक मौके बनाए, लेकिन मेक्सिको की रक्षापंक्ति और गोलकीपर रेंगल दीवार बनकर खड़े रहे। खासकर अंतिम मिनटों में रेंगल ने लगातार दो शानदार बचाव कर साउथ कोरिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने मेक्सिको की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।
इस जीत के साथ मेक्सिको ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान भी मजबूत कर लिया है। टीम ने लगातार दो मुकाबले जीतने के साथ-साथ अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। यह उपलब्धि मेक्सिको के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। वह अपनी मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप में शुरुआती दो मैच बिना कोई गोल खाए जीतने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है।
इससे पहले यह रिकॉर्ड 1998 विश्व कप में मेजबान फ्रांस ने बनाया था, जब उसने अपने पहले दो मुकाबले बिना कोई गोल खाए जीते थे। अब मेक्सिको की नजर ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में भी जीत हासिल कर खिताब की दावेदारी और मजबूत करने पर होगी।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मेक्सिको का मौजूदा प्रदर्शन उसे इस विश्व कप के मजबूत दावेदारों में शामिल कर रहा है। टीम की संतुलित आक्रमण और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे अन्य टीमों के मुकाबले अलग पहचान दिला रही है।
