डेब्यू मैच में ही दिखाया जलवा
Sunrisers Hyderabad और Rajasthan Royals के बीच खेले गए मुकाबले में हिंगे ने गेंदबाजी से मैच का रुख ही बदल दिया। सनराइजर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 216 रन बनाए थे, जिसके बाद राजस्थान की टीम मुकाबले में मजबूत नजर आ रही थी। लेकिन जैसे ही दूसरी पारी शुरू हुई, हिंगे ने पहले ही ओवर में 3 बड़े बल्लेबाजों को आउट कर मैच को एकतरफा बना दिया।
पहले से ही लिखकर रखा था लक्ष्य
मैच के बाद Praful Hinge ने बताया कि उन्होंने पहले ही लिखकर रखा था कि वह अपने डेब्यू मैच में 4 से 5 विकेट लेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा था कि पावरप्ले में दबाव बनाऊंगा और विकेट लूंगा। मुझे भरोसा था कि मैं ऐसा कर सकता हूं।”
13 साल की उम्र तक नहीं देखी थी लेदर बॉल
हिंगे की कहानी और भी दिलचस्प है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 13 साल की उम्र में क्रिकेट शुरू किया, तब उन्हें यह भी नहीं पता था कि लेदर बॉल क्रिकेट क्या होता है। शुरुआत में उनके पिता ने क्लब जॉइन करने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में मौका मिला और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
वैभव सूर्यवंशी का विकेट रहा खास
Vaibhav Suryavanshi का विकेट हिंगे के लिए सबसे खास रहा। उन्होंने पहले ही कहा था कि वह बाउंसर डालकर उन्हें आउट करेंगे—और उन्होंने वैसा ही किया। इसके अलावा उन्होंने Riyan Parag को भी आउट किया। हिंगे ने अपने 4 ओवर के स्पेल में 34 रन देकर 4 विकेट लिए। उनके पहले ओवर के तीन विकेट ने ही मैच का नतीजा लगभग तय कर दिया था। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें “प्लेयर ऑफ द मैच” चुना गया। हिंगे ने इस सफलता का श्रेय अपने परिवार और टीम के कोच को दिया। उन्होंने खासतौर पर बॉलिंग कोच Varun Aaron का धन्यवाद किया, जिन्होंने रणनीति बनाने में उनकी मदद की। प्रफुल्ल हिंगे की यह कहानी बताती है कि अगर आत्मविश्वास और मेहनत हो, तो कोई भी सपना सच हो सकता है। 13 साल की उम्र में लेदर बॉल से अनजान रहने वाला खिलाड़ी आज आईपीएल में छा गया है और यह तो बस शुरुआत है।
