यह मुकाबला मलेशिया की जोड़ी कांग खाई जिंग और एरॉन ताई के खिलाफ खेला जा रहा था, जहां भारतीय जोड़ी पहले गेम में 6-11 से पीछे चल रही थी। इसी दौरान सात्विक ने अपने दाहिने कंधे में दर्द की शिकायत की और खेल जारी नहीं रख सके। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें वॉकओवर देना पड़ा।
चोट ने रोकी लय, लगातार संघर्ष के बाद बड़ा झटका
सात्विक के कंधे की समस्या कोई नई नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की परेशानी के चलते इस जोड़ी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप से नाम वापस लिया था। लगातार चोट की वजह से उनकी लय प्रभावित हो रही है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बयान जारी करते हुए कहा कि सात्विक की रिकवरी और रिहैबिलिटेशन पर पूरा ध्यान दिया जाएगा, ताकि वह जल्द कोर्ट पर वापसी कर सकें।
हालिया जीत के बाद मिला था आत्मविश्वास
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही इस भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया की मजबूत जोड़ी फजर अल्फियन और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को हराया था। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में उन्होंने 18-21, 21-17, 21-16 से जीत दर्ज की थी। यह जीत उनकी हालिया फॉर्म और मजबूती का संकेत थी। इतना ही नहीं, यह जोड़ी सिंगापुर ओपन जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष डबल्स टीम भी बनी थी, जिसने देश के बैडमिंटन इतिहास में नया अध्याय जोड़ा था।
अन्य भारतीय खिलाड़ियों का मिला-जुला प्रदर्शन
इंडोनेशिया ओपन में भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिश्रित रहा। रोहन कपूर और रुथविका गड्डे ने शानदार शुरुआत करते हुए शीर्ष 20 ताइवान जोड़ी को हराकर अगले दौर में जगह बनाई। वहीं लक्ष्य सेन को पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। पुरुष युगल में हरिहरन अम्साकारुनन और एम.आर. अर्जुन की जोड़ी ने मलेशिया की अनुभवी जोड़ी को हराकर भारत को राहत दी।
भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा झटका
सात्विक-चिराग की जोड़ी भारत की सबसे भरोसेमंद डबल्स टीम मानी जाती है। उनकी अचानक चोट से बाहर होना भारत के अभियान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजरें उनकी फिटनेस और आगामी टूर्नामेंट में वापसी पर टिकी हैं।
