यह नई तैयारी PM-WANI योजना के सीमित असर के बाद की जा रही है। सरकार और TRAI अब ऐसा मॉडल लाने पर काम कर रहे हैं, जो आम लोगों के लिए सुविधाजनक होने के साथ ऑपरेटर्स के लिए भी फायदेमंद साबित हो। इसके लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने कंसल्टेशन पेपर जारी कर लोगों से सुझाव मांगे हैं।
नई व्यवस्था में सुरक्षा पर भी खास फोकस रहेगा। इसके तहत WPA3 जैसे एडवांस सिक्योरिटी स्टैंडर्ड लागू किए जाएंगे, जिससे पब्लिक नेटवर्क पर UPI और डिजिटल पेमेंट ज्यादा सुरक्षित हो सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे साइबर फ्रॉड और डेटा चोरी के मामलों में भी कमी आएगी।
सरकार गांवों के लिए कम लागत वाला कम्यूनिटी Wi-Fi मॉडल भी तैयार कर रही है, ताकि ग्रामीण इलाकों में सस्ता और बेहतर इंटरनेट उपलब्ध कराया जा सके। अभी भारत में सिर्फ करीब 2% लोग पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करते हैं, जबकि कई विकसित देशों में यह आंकड़ा 50% से 80% तक है।
विशेषज्ञों के मुताबिक नया Wi-Fi फ्रेमवर्क मोबाइल डेटा नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को कम करेगा और वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड सर्विस, AI आधारित सेवाओं व ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देगा। सरकार को उम्मीद है कि सस्ते और आसान इंटरनेट से डिजिटल इंडिया मिशन को नई मजबूती मिलेगी।
